लखनऊ तिहरा हत्याकांड : LDA ने आरोपी का घर सील कर ढहाई चारदीवारी; छह गिरफ्तार

लखनऊ, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के सआदतगंज इलाके में सोमवार को खाली जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के दौरान गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस बीच, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने तिहरे हत्याकांड के एक आरोपी के घर को सील करने के बाद उसकी चारदीवारी ध्वस्त कर दी। प्राधिकरण ने भवन का नक्शा मंजूर नहीं होने के कारण निर्माण को अवैध बताते हुए यह कार्रवाई की। प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया, ”प्राधिकरण ने पहले आरोपी के घर को सील किया और बाद में उसकी चारदीवारी ध्वस्त कर दी। भवन को अवैध घोषित किया गया है।”

उन्होंने बताया कि आरोपी के घर का भवन-नक्शा कभी मंजूर नहीं किया गया था इसलिए यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद इलाके के कुछ निवासियों ने खुशी जाहिर करते हुए ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगाए। पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला (29), सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू (69), गिरीश कुमार शुक्ला (78), दिनेश शुक्ला उर्फ छून्ना (62), प्रिया शुक्ला (38) और अदिति शुक्ला (24) शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि ऋषभ शुक्ला के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, छह कारतूस, छह खोखे और दो मैगजीन बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने व मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की बात कही।

वहीं घटना से आक्रोशित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूत्रों के मुताबिक, सआदतगंज क्षेत्र के ब्रह्माणी टोला में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रदर्शनकारी पूरे थाने के कर्मचारियों को बर्खास्त करने, आरोपियों को मृत्युदंड देने तथा उनके मकान को बुलडोजर से गिराने की मांग कर रहे हैं।

घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को घर लाया गया लेकिन मंगलवार शाम तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। उपमुख्यमंत्री पाठक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार परिवार की मांगों से सहमत है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराई जाएगी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”

पाठक ने कहा कि कार्रवाई ऐसी होगी, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। उन्होंने परिवार को आजीवन सुरक्षा देने, परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) स्तर पर नौकरी दिलाने और मृतक की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने का भी आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी विशाख जी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पाठक ने आरोपियों से जुड़े अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही।

हालांकि, प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक को मौके पर बुलाने तथा मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं करने पर अड़े रहे। मृतक शिवाजी तिवारी की बेटी ने अपनी मां के लिए सरकारी नौकरी, मुफ्त शिक्षा और आरोपियों का मकान गिराने की मांग की। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों का मकान नजूल भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाया गया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मुठभेड़ की कार्रवाई की मांग भी की।

इससे पहले, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सआदतगंज के थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया था। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत कई नेता भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।

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