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जम्मू-कश्मीर ने 10 दिनों में दूसरी बार रचा इतिहास : फाइनल के पहले ही प्रवेश में जीती रणजी ट्रॉफी

जम्मू-कश्मीर ने 10 दिनों में दूसरी बार रचा इतिहास : फाइनल के पहले ही प्रवेश में जीती रणजी ट्रॉफी

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हुबली, 28 फरवरी। जम्मू-कश्मीर ने युवा खिलाड़ियों के दृढ़प्रतिज्ञ प्रदर्शन से 10 दिनों के भीतर दूसरी बार इतिहास रचा और राष्ट्रीय क्रिकेट की श्रेष्ठता की प्रतीक रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता में फाइनल के पहले ही प्रयास में आठ बार के पूर्व चैम्पियन कर्नाटक को उसके घर में हराकर ऐतिहासिक खिताबी जीत भी हासिल कर ली।

पूर्व चैम्पियन कर्नाटक पहली पारी की लीड के आधार पर परास्त

गत 18 फरवरी की ही बात है, जब कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए दूसरे सेमीफाइनल के चौथे दिन मेजबान पश्चिम बंगाल को छह विकेट से हराकर रणजी ट्रॉफी में अपने पदार्पण के बाद 67 वर्षों में पहली बार फाइनल का सफर तय किया था। पारस डोगरा की अगुआई वाली मेहमान टीम ने यहां केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड पर भी अपना वही जोश व जज्बा कायम रखा और शनिवार को ड्रॉ छूटे मैच में पहली पारी की बढ़त के आधार पर चैम्पियन का श्रेय अर्जित कर लिया।

सीएम उमर अब्दुल्ला भी स्टेडियम में ऐतिहासिक पल के साक्षी बने

जम्मू-कश्मीर टीम के लिए इससे अधिक गर्व का क्षण और क्या हो सकता था कि मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और इस ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उमर अब्दुल्ला शुक्रवार की शाम ही यहां आ गए थे।

पीएम मोदी ने दी चैम्पियन टीम को बधाई

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा क्रिकेट जगत व अन्य क्षेत्रों के लोगों ने पहली बार चैम्पियन बनने पर जम्मू-कश्मीर को बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने बधाई संदेश में लिखा, ‘जम्मू और कश्मीर टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने पर बधाई! यह ऐतिहासिक जीत टीम के जबर्दस्त धैर्य, अनुशासन और जुनून को दिखाती है। यह जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए गर्व का पल है और यह वहां बढ़ते खेल के जुनून और टैलेंट को दिखाता है। उम्मीद है कि यह कामयाबी कई युवा एथलीटों को बड़े सपने देखने और ज्यादा खेलने के लिए प्रेरित करेगी।’

डोगरा एंड कम्पनी ने पूरे पांच दिनों तक अपना दबदबा बनाए रखा

दरअसल, डोगरा एंड कम्पनी ने पूरे पांच दिनों तक मुकाबले में शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा और इस सत्र में अपने अभियान का शानदार अंत किया। जम्मू कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे, जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम चौथे दिन पहले ही सत्र में 293 रनों पर सीमित हो गई थी।

विशाल बढ़त के बावजूद मेहमानों ने कर्नाटक को फॉलोऑन नहीं कराया

हालांकि जम्मू-कश्मीर को 291 रनों की मजबूत बढ़त मिली, लेकिन उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने के बजाय खुद दूसरी पारी में बल्लेबाजी का फैसला किया। मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर ने जब अपनी दूसरी पारी 113 ओवरों में चार विकेट पर 342 रनों तक पहुंचाई थी, तभी दोनों कप्तानों ने मैच ड्रॉ करने पर सहमति जताई। उस वक्त जम्मू-कश्मीर की कुल बढ़त 633 रनों तक जा पहुंची थी।

कामरान व साहिल नाबाद शतकीय प्रहारों के बीच विजयी मुद्रा में लौटे

जम्मू-कश्मीर की दूसरी पारी के हीरो रहे ओपनर कामरान इकबाल (नाबाद 160 रन, 311 गेंद, तीन छक्के, 16 चौके) व साहिल लोत्रा (नाबाद 101 रन, 226 गेंद, तीन छक्के, आठ चौके), जो शतकीय प्रहारों के बीच मैच समाप्ति तक चौथे विकेट के लिए 197 रनों की अटूट साझेदारी कर चुके थे। कामरान व साहिल ने चौथी शाम के स्कोर 4-186 से पारी आगे बढ़ाई। उस समय कामरान अपने दूसरे प्रथम श्रेणी शतक से छह रन दूर थे जबकि साहिल 16 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।

स्कोर कार्ड

अंततः लंच के लगभग एक घंटे बाद तक कुल संभव 56 ओवरों के खेल में दोनों बल्लेबाजों ने न सिर्फ अपने शतक पूरे किए वरन 156 रनों की वृद्धि करते हुए दल की कोई क्षति नहीं होने दी। अब पक्के तौर पर यह तो नहीं कहा जा सकता कि तब तक सामने असंभव लक्ष्य देखकर शायद मेजबान दल की मैच में दिलचस्पी भी खत्म हो चुकी थी। फिलहाल साहिल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अपना पहला शतक जैसे ही पूरा किया, कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल का मैच समाप्ति का आग्रह उनके मेहमान समकक्ष ने मान लिया।

उल्लेखनीय है कि रणजी ट्रॉफी का इतिहास 92 वर्ष पुराना है, लेकिन जम्मू-कश्मीर की टीम ने 67 वर्ष पहले पहली बार इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। एक समय उसे कमजोर टीम माना जाता था, लेकिन अब उसने अपने कौशल और दृढ़ संकल्प से खुद को मजबूत टीम साबित कर दिया।

कर्नाटक टीम में केएल राहुल सहित 5 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शामिल थे

जम्मू-कश्मीर 2013-14, 2019-20 और 2024-25 के सत्र में क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था, लेकिन वह इससे आगे बढ़ने में नाकाम रहा था। फिलहाल केएससीए स्टेडियम में पिछले पांच दिनों में किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि उसके खिलाड़ी पहली बार रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेल रहे हैं। उसकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उसने ऐसे प्रतिद्वंद्नवी को हराया, जिसके पास केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, पडिक्कल, करुण नायर व प्रसिद्ध कृष्णा सरीखे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं।

पुंडीर प्लेयर ऑफ द मैचतो आकिब नबी बने प्लेयर ऑफ द सीरीज

जम्मू-कश्मीर के लिए पहली पारी में शतक (121) जड़ने वाले शुभम पुंडीर को जहां ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ घोषित किया गया वहीं कर्नाटक की पहली पारी में पांच विकेट सहित पूरे सत्र में सर्वाधिक 60 विकेट लेने के साथ कुल 245 रन बनाने वाले पेसर आकिब नबी ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने।

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