ईरानी सेना ने ट्रंप के दावों की उड़ाई खिल्ली, कहा- ‘आप आपस में ही बातचीत कर रहे हैं, हमसे नहीं’
तेहरान, 25 मार्च। ईरानी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों की खिल्ली उड़ाई है, जिसमें उन्होंने ईरान से शीर्ष स्तर पर वार्ता होने के बीच ईरानी ऊर्जा ढांचों पर पांच दिनों तक हमले स्थगित रखने की बात कही थी।
फार्स न्यूज द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि स्थिति अब उस मोड़ पर पहुंच गई है जहां अमेरिकी खुद से ही बातचीत कर रहे हैं।
‘अपनी रणनीतिक हार को समझौते का नाम न दें’
ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा, “जिस रणनीतिक शक्ति का आप पहले बखान किया करते थे, वह अब एक रणनीतिक हार में बदल गई है… अपनी हार को ‘समझौते’ का नाम न दें। आपके वादों का दौर अब खत्म हो चुका है। आज दुनिया में दो मोर्चे हैं : सत्य और असत्य। कोई भी स्वतंत्रता-प्रेमी और सत्य की खोज करने वाला व्यक्ति आपकी मीडिया की लहरों से गुमराह नहीं होगा। आपके आंतरिक संघर्षों का स्तर अब उस हद तक पहुँच गया है कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं। इस क्षेत्र में आपके निवेश की अब कोई बात नहीं होगी, और न ही आप ऊर्जा और तेल की पुरानी कीमतें फिर कभी देख पाएंगे, जब तक कि आप यह न समझ लें कि इस क्षेत्र में स्थिरता की गारंटी केवल हमारे सशस्त्र बलों के शक्तिशाली हाथों में ही है।”
ईरानी सेनाएं कभी भी अमेरिका-इजराइल के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी
प्रवक्ता ने आगे जोर देकर कहा कि ईरानी सेनाएं कभी भी अमेरिका-इजराइल की सेनाओं के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, ‘शक्ति के माध्यम से ही स्थिरता संभव है। हम स्पष्ट रूप से घोषणा करते हैं : जब तक हमारी इच्छा नहीं होगी, तब तक कोई भी स्थिति अपने पुराने स्वरूप में नहीं लौटेगी। यह इच्छा तभी पूरी होगी, जब ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध किसी भी प्रकार की काररवाई का विचार आपके गंदे दिमागों से पूरी तरह मिट जाएगा। पहले दिन से ही, हमारा पहला और अंतिम शब्द यही रहा है, यही है, और यही रहेगा : हमारे जैसा कोई भी व्यक्ति आप जैसे लोगों के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा। न अभी, और न ही कभी।’
ट्रंप ने किया था ये दावा
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले इस बात की पुष्टि की थी कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है, और दावा किया था कि युद्ध अब समाप्त होने वाला है। ट्रंप ने कहा था, ‘अभी हमारी बातचीत चल रही है। मैं आपको बता सकता हूं कि वे समझौता करना चाहते हैं और अगर आप उनकी जगह होते तो कौन नहीं चाहता? देखिए, उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके संचार साधन खत्म हो चुके हैं। उनके पास जो कुछ भी था, वह लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है। मुझे लगता है कि हम इसे खत्म करने वाले हैं। मैं आपको पक्के तौर पर नहीं बता सकता। हमने यह जीत लिया है… सचमुच हमारे विमान तेहरान और उनके देश के दूसरे हिस्सों के ऊपर से उड़ रहे हैं। वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए, अगर मैं उस पावर प्लांट को गिराना चाहूं, तो वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते… वे पूरी तरह से हार चुके हैं… सैन्य रूप से, वे खत्म हो चुके हैं।’
हालांकि, ट्रंप की तरफ से की गई ताजा पहल पर ईरान की तरफ से कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। ईरानियों ने मंगलवार को अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की खबरों से इनकार करते हुए दावा किया था कि शांति तभी कायम होगी, जब अमेरिका-इजराइल अपना अभियान रोक देंगे। ईरानी सेना द्वारा जवाबी हमलों की 80वीं लहर शुरू करने के साथ ही आक्रामक रुख अपनाने के कारण, पश्चिम एशिया में शांति अब भी दूर की कौड़ी बनी हुई है।
