नई दिल्ली, 10 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक भारत-एआई इम्पेक्ट समिट का आयोजन किया गया है। इस समिट में दुनियाभर के देशों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला AI समिट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट का उद्घाटन करेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के विकास सफर, गवर्नेंस को मजबूत करने और पब्लिक सर्विस डेलिवरी को बेहतर बनाने में एक अहम भूमिका निभाता है। यह बड़े पैमाने पर सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को समर्थन करता है और 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण से मेल खाता है। भारत की भाषा और सांस्कृतिक विविधता इसे अलग-अलग लोगों की जरूरतों के हिसाब से कई भाषाएं और कई मॉडल वाले एआई सिस्टम को आगे बढ़ाने की खास जगह देती है।
AI समिट में दुनियाभर के नेता, नीति बनाने वाले, इंडस्ट्री और एक्सपर्ट शामिल होंगे ताकि गवर्नेंस, नवाचार और स्थिर विकास के लिए एआई की बदलाव लाने वाली क्षमता को दिखाया जा सके और उस पर चर्चा की जा सके।
बड़े अंतरराष्ट्रीय एआई फोरम के नतीजों के आधार पर यह समिट ग्लोबल एआई चर्चाओं को इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव के साथ ठोस विकास के नतीजों में बदलने पर फोकस करेगा। साथ ही बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगा और लोगों पर केंद्रित एआई फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाएगा।
View this post on Instagram
एआई की रणनीति के महत्व को पहचानते हुए भारत सरकार ने इंडिया एआई मिशन, एआई कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वदेशी एआई मॉडल और जिम्मेदार एआई अपनाने के लिए बड़े पैमाने पर कैपेसिटी बिल्डिंग जैसी पहलों के जरिए एक मजबूत और सबको साथ लेकर चलने वाला एआई इकोसिस्टम बनाने को प्राथमिकता दी है।
भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ग्लोबल सहयोग को आगे बढ़ाएगा, एथिकल एआई को बढ़ावा देगा और प्राथमिक सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने में तेजी लाएगा। इसकी वजह से देश डिजिटल रूप से मजबूत भारत के विजन के साथ एआई इनोवेशन के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में स्थापित होगा।
इंडिया-एआई इम्पेक्ट समिट 2026 से पहले देश की एआई प्राथमिकताओं को इलाके की जरूरतों के साथ जोड़ने के लिए क्षेत्रीय एआई कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। इस क्रम में अक्टूबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल और तेलंगाना में राज्य सरकारों के साथ पार्टनरशिप में आठ कॉन्फ्रेंस हुईं।
