भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर भारत आएंगे LPG से भरे 2 जहाज
नई दिल्ली, 13 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच एक दिन पहले हुई वार्ता और पिछले कुछ दिनों के भीतर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की चार बार टेलीफोन पर की गई बातचीत का असर दिखने लगा है।इस क्रम में ईरान ने शुक्रवार की रात भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दो एलपीजी टैंकर ले जाने की इजाजत दे दी है।
ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहाली ने दिल्ली में दिए थे संकेत
इसके पूर्व शुक्रवार को ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया था कि भारत को दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत ईरान का दोस्त है और इस वजह से भारतीय जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग से गुजरने को लेकर सकारात्मक स्थिति जल्द सामने आ सकती है।
ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहाली ने दिल्ली में दिए थे संकेत
अब समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने खबर ने दी है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आ रहे दो LPG भरे जहाज को गुजरने की अनुमति देने पर राजी हो गया है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद भारत में एलपीजी की किल्लत देखी जा रही है। हालांकि सरकार ने उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी करने की कोशिश की है।
‘भारत हमारा मित्र है‘
ईरान के राजदूत मो. फतहाली को यहां अंतरराष्ट्रीय कुदस दिवस कांफ्रेंस में विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया था।फातेही ने इस कांफ्रेंस के बाद पत्रकारों से बात की। मीडिया ने इस बारे में जब उनसे पूछा कि क्या भारतीय जहाजों को जाने का रास्ता ईरान देगा तो उन्होंने कहा कि, ‘हां-हां, आप लोग अगले दो-तीन घंटों में ऐसा होता देखेंगे। भारत हमारा मित्र है और हम एक समान हितों के लिए काम करते हैं। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों मे सहयोग होगा।’
फतहाली ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच काफी अच्छे संबंध हैं। एक दिन पहले ही दोनों देशों के उच्चपदस्थ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अल्लाह से प्रार्थना करते हैं कि वह हर तरह की परेशानियों को दूर करे। जहां तक भारतीय जहाजों को अनुमति देने की बात है तो आप इस बारे में जल्द ही अच्छी खबर सुनेंगे।’
दरअसल, पश्चिम एशिया में विवाद शुरू होने के बाद यह पहला मौका है, जब ईरान की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि वह भारतीय जहाजों को जाने का रास्ता (होर्मुज जलडमरुमध्य से) देगा। इसके पहले दिन में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया था कि होर्मुज मार्ग पर कई दिनों से 28 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें 23 जहाज होर्मुज के पश्चिमी हिस्सों में और चार पूर्वी हिस्सों में हैं।
बाद में पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों कहा कि यदि होर्मुज मार्ग से सभी भारतीय जहाजों को निकलने का रास्ता मिल जाए तो देश में पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चतता काफी हद तक दूर की जा सकती है। पश्चिम एशिया संकट के पैदा होने के साथ ही होर्मुज जल मार्ग बंद पड़ा हुआ है।
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका या उसे सहयोग करने वाले किसी भी देश के जहाज को वहां से गुजरने नहीं देगा। अब तक आधे दर्जन जहाजों पर हमले भी हुए हैं। इसकी वजह से भारत समेत तकरीबन सभी एशियाई देशों में ऊर्जा संकट महसूस किया जा रहा है। कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस की कीमतों पिछले दस दिनों में काफी बढ़ चुकी हैं। भारत समेत तकरीबन सभी वैश्विक पूंजी बाजारों में भारी गिरावट का रुख बन गया है। ऐसे में होर्मुज मार्ग को खोलने से भारत हर तरह से काफी राहत की सांस ले सकता है।
