भारत ने पहली बार स्क्वॉश विश्व कप जीतकर रचा इतिहास, हांगकांग के खिलाफ खिताबी जीत में अनाहत सिंह चमके

चेन्नई, 14 दिसम्बर। मेजबान भारत ने रविवार को यहां एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल में इतिहास रचा, जब उसने फाइनल में हांगकांग को 3-0 से हराकर पहली बार स्क्वाश विश्व कप खिताब पर अधिकार कर लिया। 17 वर्षीय अनाहत सिंह ने निर्णायक जीत से भारत की ऐतिहासिक सफलता पर अंतिम मुहर लगाई।

यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला एशियाई देश बना

भारत इसके साथ ही यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला एशियाई देश बन गया। इससे पहले उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में कांस्य पदक रहा था। वहीं भारत इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मिस्र के बाद स्क्वॉश वर्ल्ड कप जीतने वाला चौथा देश बन गया। कुल मिलाकर देखें तो यह खिताबी जीत भारतीय स्क्वाश के लिए निश्चित रूप से अच्छी खबर है क्योंकि यह खेल लॉस एंजिल्स 2028 में ओलंपिक में अपना पदार्पण करने जा रहा है।

दूसरी सीड भारत ने एक भी मैच गंवाए बिना खिताब पर नाम लिखाया

चेन्नई में लगातार तीसरी बार आयोजित इस मिश्रित टीम स्पर्धा में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त भारत ने बिना कोई मैच हारे खिताब अपने नाम किया। ग्रुप चरण में स्विट्जरलैंड और ब्राजील को समान 4-0 के अंतर से हराने के बाद भारत ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में क्रमशः दक्षिण अफ्रीका और दो बार के चैंपियन मिस्र को 3-0 से हराया था।

जोशना चिनप्पा ने शुरुआती मैच में उलटफेर किया

विश्व रैंकिंग में 79वें स्थान पर काबिज जोशना चिनप्पा ने 37वीं रैंकिंग की खिलाड़ी ली का यी पर 3-1 की उलटफेर भरी जीत से फाइनल में भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। एशियाई खेलों के पदक विजेता अभय सिंह (विश्व रैंकिंग में 29) ने 42वें स्थान पर काबिज एलेक्स लाउ को 3-0 से जबकि 17 वर्षीय अनाहत सिंह ने विश्व रैंकिंग में 31वें स्थान पर काबिज टोमाटो हो को इसी अंतर से हराकर भारत के लिए खिताब पक्का कर दिया। इसके बाद पुरुष सिंगल्स का आखिरी मैच खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

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