SIR पर सियासी संग्राम : विपक्ष की महारैली से पहले रवि किशन का हमला, कारोबारियों ने भी उठाए सवाल

नई दिल्ली, 1 नवंबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में महारैली कर रहा है। कांग्रेस ने इस आयोजन में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं और करीब 10 लाख समर्थकों के जुटने का दावा किया है। रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे।

पिछले 25 दिनों में यह नौवां मौका है, जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस महारैली के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेगा।

रैली से पहले सियासी घमासान, भाजपा ने विपक्ष को घेरा

INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और जदयू के नेताओं ने इसे सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष की बेचैनी करार दिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने रैली को बड़ा आयोजन बताते हुए देशभर से लोगों के दिल्ली पहुंचने का दावा किया है। इस बीच एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है और उसे इस रैली के लिए आमंत्रित भी नहीं किया गया है। इससे विपक्षी एकजुटता को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

रवि किशन का कांग्रेस पर हमला, पूछा- देश में क्या चाहती है पार्टी?

दिल्ली में भाजपा सांसद रवि किशन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और गरीबों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है। कांग्रेस को उन लोगों से सवाल करना चाहिए, जिनका जीवन उसकी नीतियों से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों से बाहर निकलकर अपने पैरों पर खड़ा हुआ है। इसका श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। रवि किशन ने कांग्रेस पर देश में अव्यवस्था पैदा करने और विकास की प्रक्रिया को पीछे ले जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस देश में फिर आतंकवादी हमले, बम धमाके और दंगे चाहती है? क्या वह अनुच्छेद 370 की वापसी की पक्षधर है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के सामने अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए।

सौगत रॉय बोले- एक नवंबर की रैली होगी बहुत बड़ी

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने महारैली को लेकर कहा कि एक नवंबर का आयोजन बहुत बड़ा होगा। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके मुताबिक, इस रैली के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। INDIA गठबंधन के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

रैली से कारोबारियों को नुकसान की आशंका, दीपावली के बाद आयोजन की थी मांग

रामलीला मैदान में होने वाली महारैली को लेकर कारोबारियों ने भी चिंता जताई है। एनडीटीए के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि पिछले दो महीनों में व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दीपावली के मौके पर कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी। इसी को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से सामान का स्टॉक कर लिया था, लेकिन बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अक्टूबर से फरवरी तक का समय आमतौर पर कारोबार के लिहाज से अच्छा माना जाता है। ऐसे में व्यापारियों को त्योहार के दौरान बेहतर बिक्री की उम्मीद थी। कारोबारियों ने पहले ही मांग की थी कि रैली दीपावली के बाद आयोजित की जाए, ताकि बाजारों में खरीदारी प्रभावित न हो। अतुल भार्गव ने कहा कि दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है और धार्मिक आस्था से जुड़ा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बाजारों में खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे समय में रामलीला मैदान में रैली होने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।

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