बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का खाता खुला, भारोत्तोलक संकेत महादेव सरगर ने जीता रजत पदक  

बर्मिंघम, 30 जुलाई। भारतीय दल यहां जारी 22वें राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार को अपना खाता खोलने में सफल हो गया, जब भारोत्तोलक संकेत महादेव सरगर ने रजत पदक जीता। महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाले 21 वर्षीय संकेत ने 55 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 248 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि अर्जित की।

सांगली के युवा लिफ्टर ने अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा

कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र संकेत ने स्नैच में 113 किलोग्राम का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जबकि क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 135 किलो वजन उठाया। मलेशिया के अनिक कसदन ने 249 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। श्रीलंका की दिलंका कुमारा (225 किलोग्राम) को कांस्य पदक मिला।

तीन बार के राष्ट्रीय चैंपियन, 2020 खेलो इंडिया यूथ टूर्नामेंट और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट के चैंपियन संकेत ने इस प्रदर्शन से अपना पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड (स्नैच में 108 किग्रा, क्लीन एंड जर्क में 139 किग्रा, कुल 244 किग्रा) भी तोड़ दिया।

 पीएम मोदी ने संकेत को दी बधाई

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रजत पदक जीतने के लिए संकेत सरगर को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘संकेत सरगर का असाधारण प्रयास! उनका प्रतिष्ठित रजत पदक हासिल करना राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए एक शानदार शुरुआत है। उन्हें बधाई और भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’

संकेत ने खुशी जताई, लेकिन स्वर्ण न जीत पाने का मलाल

संकेत ने रजत पदक जीतने पर कहा, ‘मैं खुश हूं, लेकिन मैं खुद से नाराज भी हूं क्योंकि मुझे स्वर्ण पदक जीतना था और मैंने स्वर्ण पदक के लिए तैयारी भी की थी। मैं चार वर्षों से स्वर्ण पदक के लिए तैयारी कर रहा था और स्वर्ण पदक एक कदम की दूरी पर था। मुझे इस पदक के मिलने पर खुशी है कि ये देश का पहला पदक है।’

इधर सांगली में पान की दुकान व एक छोटा सा होटल चलाने वाले पिता की आंखें आज गर्व से भर उठीं। सरगर की बहन और पिता ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि उसने कोहनी की चोट के बावजूद देश के लिए रजत पदक जीता है।’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular