बांग्लादेश : व्यापारी खोकोन चंद्र दास की भी मौत, भीड़ ने हमले के बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी
ढाका, 3 जनवरी। बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच 40 वर्षीय दवा कारोबारी खोकोन चंद्र दास की भी मौत हो गई। वस्तुतः पिछले माह भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में लगातार तनाव व्याप्त है और तीन सप्ताह के अंदर इस तरह की चौथी हत्या है।
3 सप्ताह के अंदर चौथी हत्या
गौरतलब है कि गत 31 दिसम्बर की रात शरीयतपुर जिले में कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने दामुड्या के कोनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास घर लौट रहे खोकोन दास को घेरकर बेरहमी से पीटा, फिर चाकू से वार किया और अंत पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की थी। बुरी तरह जल चुके खोकोन दास ने किसी तरह पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
खोकोन के परिजनों की हत्यारों के खिलाफ सख्त काररवाई की मांग
शेख हसीना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार खोकोन दास की इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह मौत हो गई। इस हत्या से दुखी दास के परिवार वालों ने इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त काररवाई की मांग की है। उनके परिवार के एक सदस्य ने मीडिया को बताया, ‘खोकोन दास का सुबह 7.20 बजे (स्थानीय समय) निधन हो गया। हम इस जघन्य कृत्य में शामिल दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग कर रहे हैं।’
हिन्दुओं पर बार-बार हमले
इससे पहले, गत 18 दिसम्बर को एक भीड़ ने कपड़े की फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला, उसे नंगा किया और उसके शरीर को आग लगा दी। एक हफ्ते बाद 24 दिसम्बर को, राजबाड़ी शहर के पांग्शा उपजिला में कथित उगाही के आरोप में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं 30 दिसम्बर को, 42 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास को मैमनसिंह के भालुका में एक गारमेंट फैक्ट्री में एक सहकर्मी ने शॉटगन से गोली मारकर हत्या कर दी।
भाजपा ने हत्या पर जताया दुख
इस हत्या से भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुई हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने इसे बंगाली हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पार्टी ने कहा कि खोकोन दास की मौत बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की पहले हुई हत्या के बाद हुई है और इसकी तुलना पश्चिम बंगाल की घटनाओं से की, जिसमें मुर्शिदाबाद में 2023 में हरागोबिंद दास और चंदन दास की हत्याएं शामिल हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पूरे इलाके में बंगाली हिन्दुओं पर हमले बिना रुके जारी हैं।
