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अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामला : ईडी ने 2,300 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का किया खुलासा

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बेंगलुरु, 24 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों से जुड़े एक बड़े मामले में पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की है। यह शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दायर की गई है। इस मामले में केसी वीरेंद्र को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि पृथ्वी एन राज, केसी थिप्पेस्वामी, फोनपैसा पेमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, गुलशन खट्टर, पपीज टूर्स एंड ट्रैवल्स एलएलपी, अर्जुन नागभूषण, अभिजीत सज्जन और लॉजिकफोर्ज सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य लोगों और संस्थाओं के नाम भी शामिल हैं।

ईडी ने यह जांच भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन एफआईआर में किंग567, प्ले567, प्लेविन567, गेमेक्स और अन्य संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों से धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान पता चला कि अवैध रूप से कमाई गई रकम को अलग-अलग पेमेंट गेटवे, फर्जी या म्यूल अकाउंट्स, विदेशी संस्थाओं, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और विदेशों में भेजी गई रकम के माध्यम से घुमाया गया।

इससे पहले ईडी ने कर्नाटक और अन्य राज्यों में 60 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने की ईंटें, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। ईडी ने केसी वीरेंद्र को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। साथ ही 29 जनवरी 2026 को करीब 177.30 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई थीं। अब तक इस मामले में 320 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अटैच या जब्त की जा चुकी है।

ईड़ी के अनुसार, अब तक 2,300 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध से अर्जित धनराशि की पहचान की गई है, जिसे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के जरिए कमाया गया और बाद में विभिन्न तरीकों से मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने दुबई समेत विदेशों में संपत्तियां खरीदीं और क्रिप्टो एसेट्स में भी लेनदेन किए। ईडी ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है।

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