ICC की PCB को चेतावनी : टी20 विश्व कप में भारत के साथ खेलें अन्यथा मुकदमे और भारी रेवेन्यू नुकसान के लिए रहें तैयार
नई दिल्ली, 3 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी है कि आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में प्रस्तावित मैच का बहिष्कार करने के फैसले पर टूर्नामेंट के अधिकृत प्रसारणकर्ता जियोस्टार की ओर से उसे कानूनी काररवाई का सामना करना पड़ सकता है। पीसीबी के एक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी है।
पीसीबी ने अब तक आईसीसी को औपचारिक सूचना नहीं दी है
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने अपनी सरकार के निर्देशों के बाद कोलंबो में होने वाला मैच छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि पीसीबी ने अब तक आईसीसी को औपचारिक रूप से इसके कारण नहीं बताए हैं।
रुक सकता है कि 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सालाना रेवेन्यू
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यदि भारत से न खेलने के अपने फैसले पर पाकिस्तान अडिग रहा तो ICC पाकिस्तान का पूरा सालाना रेवेन्यू शेयर – जिसका अनुमान लगभग 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर है – रोक सकता है और उस रकम का इस्तेमाल ब्रॉडकास्टर्स को मुआवजा देने के लिए कर सकता है।
पीसीबी सूत्रों के अनुसार, चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ब्रीफ करने से पहले बोर्ड की लीगल टीम से सलाह ली थी, लेकिन अब अधिकारी गंभीर नतीजों का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं।
एक पीसीबी सूत्र ने बताया, ‘यदि पाकिस्तान नहीं मानता और भारत के खिलाफ नहीं खेलता, तो उसे न सिर्फ फाइनेंशियल पेनाल्टी, शायद ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से मुकदमा भी झेलना पड़ेगा बल्कि आईसीसी डिस्प्यूट रेज़ोल्यूशन कमेटी (DRC) में जाने की कोई भी कोशिश भी नाकाम हो सकती है।’आईसीसी की डीआरसी एक इंटरनल पैनल है, जो अपने ही बोर्ड द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ अपील पर विचार नहीं करता है।
एक अन्य पीसीबी सूत्र ने कहा, ‘पीसीबी को भारत के खिलाफ न खेलने के सरकारी निर्देश के बावजूद दिक्कतें हो सकती हैं क्योंकि वे अपनी मर्जी से अपने सभी मैच तटस्थ आयोजन स्थल (श्रीलंका) में खेल रहे हैं न कि भारत में।’ नकवी पर करीब से नजर रखने वाले पीसीबी सूत्र ने कहा, ‘दूसरी बात, हालांकि भारत सरकार ने अपनी टीम को पाकिस्तान में खेलने की इजाजत नहीं दी है, लेकिन उसने मई के टकराव के बाद भी एशिया कप या आईसीसी इवेंट्स में न्यूट्रल जगहों पर पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से उन्हें नहीं रोका है।’
हालांकि पीसीबी ने अब तक आईसीसी को लिखित में कोई जानकारी नहीं भेजी है, लेकिन इस बॉयकॉट को बांग्लादेश के बाहर होने के बाद उसके साथ एकजुटता दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के बारे में बताते हुए पीसीबी सूत्र ने कहा, ‘जब आईसीसी ने सभी आईसीसी इवेंट्स के लिए ब्रॉडकास्टर के साथ चार वर्षों की डील साइन की थी तो कॉन्ट्रैक्ट में पाकिस्तान और भारत के मैच शामिल थे, जिसके आधार पर ब्रॉडकास्टर ने आईसीसी को पेमेंट किया था। इसलिए ब्रॉडकास्टर कॉन्ट्रैक्ट के बड़े उल्लंघन के लिए पीसीबी और आईसीसी को कोर्ट में ले जाने का हकदार होगा।’
बांग्लादेश चुनाव के बाद यू-टर्न ले सकते हैं नकवी
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नकवी, जो पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, 12 फरवरी को बांग्लादेश में आम चुनाव होने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार की जगह एक लोकतांत्रिक सरकार आने के बाद अपना फैसला बदल भी सकते हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट पर नजर रखने वाले एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘नकवी एक क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर से ज्यादा एक राजनेता हैं, जिन्हें नेशनल टीम की भलाई की जरा भी परवाह नहीं है। वह अपने लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं और 12 फरवरी को चुनाव होने के बाद वह अपना रुख बदल सकते हैं।’ सूत्र ने यह भी कहा, ‘भारत के मैच से पहले तब भी दो दिन होंगे और हालात बदल सकते हैं। नहीं तो उन्हें पता है कि पाकिस्तान को अलग-थलग किया जा सकता है।’
