हूती विद्रोहियों का दावा – इजराइल की एयर स्ट्राइक में पीएम अहमद अल-रहावी की मौत

सना, 30 अगस्त। यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि इजराइल के एक हवाई हमले में उनके प्रधानमंत्री अहमद गालिब अल-रहावी की मौत हो गई है। हूती विद्रोहियों का कहना है कि गाजा युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका सबसे बड़ा नुकसान है, क्योंकि इस दौरान किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौत का यह पहला मामला है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हुई है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हूती विद्रोहियों की समाचार एजेंसी के हवाले से बताया है कि शनिवार को समूह के सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख महदी अल-मशात ने यह घोषणा की। गुरुवार को राजधानी सना में हुए इस हमले के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कहा गया है कि इसमें कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

एक अन्य समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अल-रहावी को आखिरी बार बुधवार को सना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था। हूती विद्रोहियों की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘हम योद्धा अहमद गालिब नासिर अल-रहावी की मृत्यु की घोषणा करते हैं। अपने कई सहयोगियों के साथ उनकी मौत हो गई है। उन्हें इजराइल ने निशाना बनाया था।’ बयान में यह भी कहा गया कि हमले में घायल कई सहयोगियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इससे पहले इजराइल ने कहा था कि उसने सना में ईरान समर्थित हूती समूह के चीफ ऑफ स्टाफ, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों को निशाना बनाया है और परिणामों की जांच की जा रही है। हालांकि महदी मशात के बयान से यह साफ नहीं हो पाया कि मारे गए लोगों में हूती विद्रोहियों के रक्षा मंत्री शामिल थे या नहीं।

डिप्टी पीएम मोहम्मद मुफ्ताह के प्रधानमंत्री का कार्यभार सौंपा गया

अहमद अल-रहावी करीब एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन सरकार की बागडोर उनके उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद मुफ्ताह के हाथों में थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को मुफ्ताह को प्रधानमंत्री का कार्यभार सौंपा गया है।

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