I-PAC छापेमारी केस : ED रेड पर कोलकाता हाई कोर्ट में सुनवाई टली, भीड़ और हंगामे से नाराज जज बेंच छोड़कर निकलीं
कोलकाता, 9 जनवरी। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए राजनीतिक व चुनावी प्रबंधन का काम कर रही संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में संघर्ष चरम पर पहुंच गया है।
ईडी की छापेमारी के बाद ईडी और I-PAC के साथ टीएमसी ने गुरुवार को कोलकाता हाई कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की थीं। इस मामले में आज दोपहर सुनवाई होनी थी। लेकिन मामले की सुनवाई के पहले ही कोर्ट में अत्यधिक भीड़ से जज नाराज हो गईं और बेंच छोड़कर बाहर निकल गईं। अंततः मामले की सुनवाई टल गई।
दोपहर 2.30 बजे होनी थी सुनवाई
जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में दोपहर करीब 2.30 बजे जैसे ही सुनवाई शुरू होने वाली थी, वहां वकीलों और इंटरर्न की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति यह थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। जस्टिस घोष ने भीड़ को देखते हुए उन वकीलों और इंटरर्न को बाहर जाने को कहा, जो इस केस से नहीं जुड़े थे। उन्होंने पांच मिनट का समय दिया और चेतावनी दी कि अगर भीड़ कम नहीं हुई तो वह सुनवाई नहीं करेंगी।
टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने भी लोगों से बाहर जाने की अपील की, लेकिन वकीलों के बीच धक्का-मुक्की और बहस शुरू हो गई। अव्यवस्था से नाराज होकर जस्टिस घोष सुनवाई स्थगित कर चली गईं।

सीएम ममता का विरोध मार्च शुरू
वहीं सीएम ममता बनर्जी ने I-PAC पर ED की छापेमारी के खिलाफ कोलकाता में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनके आह्वान पर दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। सीएम ममता कोलकाता में खुद उस स्थल पर पहुंचीं, जहां से वह ईडी के आई-पैक रेड के खिलाफ मार्च की अगुआई की। सीएम ने सड़क पर प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए भाजपा सरकार पर ज्यादतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव करीब आते ही एजेंसियों का इस्तेमाल करप्शन के नाम पर कर रही है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान टीएमसी के 8 सांसद हिरासत में
उधर ईडी की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने सुबह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे तृणमूल के आठ सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों में पार्टी सांसद ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और शर्मिला सरकार शामिल थे। टीएमसी नेताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा सांसदों को जबरन प्रदर्शन वाले स्थल से हटाए जाने की तस्वीरें साझा कीं और केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।

गौरतलब है कि आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के घर व कार्यालय में गुरुवार को ईडी की छापेमारी हुई। ईडी की काररवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों जगह पहुंचीं और वहां से एक फाइल व लैपटाप अपने साथ लेकर निकल गईं।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, ईडी ने ममता पर जांच में बाधा डालने व छापेमारी के दौरान दस्तावेज व डिजिटल सुबूतों को जबरन छीनने का आरोप लगाया। इसे लेकर ईडी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दूसरी ओर आई-पैक के साथ तृणमूल भी ईडी की काररवाई का विरोध करते हुए हाई कोर्ट पहुंची थी।
ईडी का आरोप
केंद्रीय एजेंसी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान मौके पर पहुंचकर जांच में बाधा डाली। सीएम अपने साथ पुलिस बल लेकर आईं और वहां से कई महत्वपूर्ण फाइलें, दस्तावेज और लैपटाप जबरन उठा ले गई।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। टीएमसी का कहना है कि चुनाव से पहले पार्टी की रणनीतियों को चुराने के लिए जान बूझकर यह छापेमारी की गई है। ममता बनर्जी ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है।
केंद्र व ईडी के वकील का मोबाइल हैक होने का दावा
इस बीच सुनवाई से पहले एक और चौंकाने वाली घटना हुई। केंद्र के डिप्टी सालिसिटर जनरल और ईडी के वकील धीराज त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि दोपहर करीब 1.30 बजे उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया। उन्होंने इसकी जानकारी जस्टिस घोष को दी और बताया कि वह इस संबंध में दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय और केंद्र सरकार से संपर्क में हैं।
