LPG संकट के बीच सरकार का फैसला : PNG को बढ़ावा देने पर राज्यों को मिलेगी 10% ज्यादा वाणिज्यिक गैस सप्लाई
नई दिल्ली, 18 मार्च। मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच देश में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि जो राज्य पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देंगे और ग्राहकों को सिलेंडर से पाइप गैस में शिफ्ट करने में मदद करेंगे, उन्हें वाणिज्यिक LPG का अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा।
कमर्शियल LPG कोटा बढ़ाने की घोषणा
सरकार के अनुसार ऐसे राज्यों को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की 10% अतिरिक्त सप्लाई दी जाएगी। फिलहाल तेल विपणन कम्पनियां (OMCs), राज्यों को उनकी जरूरत का केवल 20% कमर्शियल LPG ही उपलब्ध करा रही हैं। अब सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि इस आवंटन को 30% तक बढ़ाया जा सकता है, बशर्ते राज्य PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाएं।
इसलिए उठाना पड़ा यह कदम
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज समुद्री मार्ग में रुकावट के कारण भारत की गैस-तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। भारत की लगभग 90% LPG जरूरतें और करीब 50% कच्चे तेल की सप्लाई इसी मार्ग से होती है, जिससे संकट और गहरा गया है। सरकार का मानना है कि ऐसे समय में LPG पर निर्भरता कम करना और PNG जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना एक दीर्घकालिक समाधान हो सकता है।
राज्यों के लिए प्रोत्साहन योजना
सरकार ने राज्यों को PNG इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए कई तरह के इनसेंटिव भी दिए हैं। इसके तहत राज्य और जिला स्तर पर कमेटियां बनाने पर एक प्रतिशत अतिरिक्त गैस आवंटन मिलेगा, जो सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) से जुड़े प्रस्तावों और शिकायतों को तेजी से निबटाएंगी। इसके अलावा, CGD प्रोजेक्ट्स के लिए परमिशन प्रक्रिया आसान करने पर 2% अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा। इसमें पुराने और नए आवेदनों को तय समयसीमा में मंजूरी देना शामिल है।
‘डिग एंड रिस्टोर’ स्कीम लागू करने पर 3% अतिरिक्त आवंटन
सरकार ने ‘डिग एंड रिस्टोर’ स्कीम लागू करने पर तीन प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन का प्रावधान रखा है। इसके तहत कम्पनियां खुद पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क या जमीन को ठीक कर सकेंगी और भारी रिस्टोरेशन चार्ज से बच सकेंगी, जिसके बदले बैंक गारंटी देनी होगी। वहीं, पाइपलाइन नेटवर्क के लिए जमीन के किराए या लीज चार्ज को शून्य करने पर राज्यों को चार प्रतिशत अतिरिक्त गैस आवंटन मिलेगा।
आपूर्ति बढ़ी, लेकिन चिंता बरकरार
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पांच मार्च के बाद से देश में LPG उत्पादन करीब 40% बढ़ाया गया है। इसके बावजूद आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जहां संभव हो, गैस की खपत कम करें और PNG या अन्य विकल्पों की ओर शिफ्ट होने पर विचार करें।
सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि देश में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले घरेलू मांग पूरी की जाएगी, उसके बाद ही अतिरिक्त उत्पादन के निर्यात पर फैसला लिया जाएगा।
