वाराणसी में गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर, जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट
वाराणसी, 6 अगस्त। धार्मिक नगरी वाराणसी में उफनाई गंगा नदी के जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। सामने घाट सहित गंगा किनारे निचले इलाकों की सड़कों पर पानी भरा हुआ है। हालांकि मंगलवार की रात गंगा का जलस्तर थमा और अब उसमें धीरे-धीरे गिरावट हो रही है।
राजघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) के जल माप केंद्र पर बुधवार सुबह गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। सुबह छह बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर 72.20 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि निर्धारित खतरे के स्तर 71.262 मीटर से लगभग 93 सेंटीमीटर अधिक है। चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से भी यह जलस्तर काफी ऊपर बना हुआ है।

जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की दर से कम हो रहा
हालांकि राहत की बात यह है कि जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट का रुझान देखा जा रहा है। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की दर से कम हो रहा है। विशेषज्ञों ने इस गिरावट को सकारात्मक संकेत माना है, किंतु साथ ही स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता भी जताई है।
राजघाट पर अब तक का ऐतिहासिक उच्चतम जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया था, जो वर्तमान जलस्तर से लगभग 1.70 मीटर अधिक है। प्रशासन ने जलस्तर में आई तेजी को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी के साथ-साथ नावों, राहत शिविरों और चिकित्सा दलों की तैनाती की तैयारियां भी की जा रही हैं।

प्रशासन ने गंगा किनारे निवास करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर लोग सुरक्षित स्थानों पर समय रहते शरण लें। जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निबटा जा सके।
