वित्त मंत्री निर्मला बोलीं – इनकम टैक्स को आसान बनाया जाएगा, टीडीएस वक्त पर न भरना अब अपराध नहीं

नई दिल्ली, 23 जुलाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में एलान किया कि इनकम टैक्स को आसान बनाया जाएगा और टीडीएस वक्त पर न भरना अब अपराध नहीं होगा।

लगभग 4 करोड़ वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को आयकर से छूट

नई कर व्यवस्था में वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 17,500 रुपये तक की आयकर बचत को शामिल किया गया है। लगभग चार करोड़ वेतनभोगी व्यक्तियों और पेंशनभोगियों को आयकर से छूट दी गई है।

नई टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडेक्शन 50 हजार से बढ़ाकर 75000 रुपये

निर्मला सीतारमण ने टैक्स को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि नई कर व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। नई टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडेक्शन 50 हजार से बढ़ाकर 75000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा इनकम टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इसमें तीन लाख तक आय वाले लोगों को कर मुक्त रखा गया है। 3 लाख रुपये 7 लाख रुपये तक की कमाई पर 5 फीसदी, 7-10 लाख रुपये तक की कमाई पर 10 फीसदी, 10-12 लाख रुपये तक की कमाई पर 15 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। वहीं 15 लाख से ऊपर की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम को स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा

हालांकि वित्तमंत्री ने ओल्ड टैक्स में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट नहीं बढ़ाई और टैक्स रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया। यानी ऐसे करदाताओं को स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने का भी फायदा नहीं मिलेगा। कहने का तात्पर्य यह कि इनकम टैक्स स्लैम में जो बदलाव हुए हैं, वह नए टैक्स रिजीम के लिए हुए हैं और ओल्ड टैक्स रिजीम को फायदा नहीं मिलेगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम में क्या है टैक्स रेट?

ओल्ड टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं है। ढाई लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं है। इसके बाद ढाई लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी, 5-10 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसदी का टैक्स बनेगा।

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