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महादेव सट्टेबाजी केस में ED की सबसे बड़ी काररवाई – मुख्य प्रमोटर सौरभ की दुबई में ₹1,700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

महादेव सट्टेबाजी केस में ED की सबसे बड़ी काररवाई – मुख्य प्रमोटर सौरभ की दुबई में ₹1,700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

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नई दिल्ली, 26 मार्च। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हजारों करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय काररवाई की है और उसकी जांच का दायरा अब दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा तक पहुंच गया है। इस क्रम में जांच एजेंसी ने सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की दुबई में स्थित 1,700 करोड़ रुपये की आलीशान संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

बुर्ज खलीफा सहित दुबई के पॉशइलाकों तक फैला था चंद्राकर का साम्राज्य

ED ने दुबई के उन इलाकों में संपत्तियां सीज की हैं, जहां रहना रईसों का सपना होता है। कुर्क की गई संपत्तियों में बुर्ज खलीफा में एक लग्जरी फ्लैट, हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिद्रा जैसे वीआईपी इलाकों में अपार्टमेंट्स और बिजनेस हब में स्थित हाई-एंड यूनिट्स और SLS होटल एंड रेजिडेंस में फ्लैट शामिल है। ED के अनुसार, ये संपत्तियां सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई से खरीदी गई थीं और इन्हें विकास छापरिया, अतुल अरोड़ा और नितिन टिबरेवाल जैसे करीबियों के जरिए नियंत्रित किया जा रहा था।

क्या है महादेव बेटिंग एप घोटाला?

दरअसल, यह केवल एक बेटिंग एप नहीं बल्कि सट्टेबाजी का एक विशाल नेटवर्क था, जिसे छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से ऑपरेट करते थे। इस प्लेटफॉर्म पर पोकर, कार्ड गेम्स, क्रिकेट, बैडमिंटन और यहां तक कि भारत में होने वाले चुनावों पर भी सट्टा लगाया जाता था। हजारों फर्जी बैंक खातों और शेल कम्पनियों के जरिए पैसा घुमाया गया। प्रमोटर मुनाफे का 70-75% हिस्सा खुद रखते थे जबकि बाकी हिस्सा पैनल ऑपरेटरों को दिया जाता था। अब तक ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई को हवाला के जरिए विदेश भेजने का आरोप है।

ऐसे चलता था सट्टेबाजी का यह धंधा

ED की जांच में इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है। यह पूरा सिस्टम ‘पैनल’ या ‘ब्रांच’ के आधार पर फ्रेंचाइजी मॉडल से चलता था, जिन्हें भारत के अलग-अलग हिस्सों में गुर्गे चलाते थे। सट्टेबाजी से जुटाए गए पैसे को पहले अनपढ़ या मासूम लोगों के KYC का इस्तेमाल कर खुले बैंक खातों में डाला जाता था। फिर वहां से इसे क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए दुबई भेजा जाता था। इसी पैसे का इस्तेमाल दुबई और भारत में महंगी जमीनें और होटल खरीदने में किया गया।

इस मामले में अब तक देशभर में 175 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी

ED इस मामले में अब तक देशभर में 175 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और रायपुर की अदालत में 74 आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। अब तक कुल मिलाकर ₹4,336 करोड़ की चल-अचल संपत्ति को जब्त या फ्रीज किया जा चुका है।

दिसम्बर, 23 में पकड़े जाने के बाद प्रमुख आरोपित रवि उप्पल दुबई से भाग निकला था

दिसम्बर, 2023 में इस मामले में प्रमुख आरोपित रवि उप्पल को दुबई में पकड़ा गया था, लेकिन वह वहां से भाग निकला। माना जा रहा है कि उसने Vanuatu देश की नागरिकता ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सख्त रुख अपनाते हुए ED को उसे ढूंढने का निर्देश दिया है।

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