दिल्लीवासियों को नव वर्ष पर सीएम रेखा गुप्ता का तोहफा – 15 माह तक मुफ्त मिलेगी पैकेट बंद चीनी
नई दिल्ली, 3 जनवरी। दिल्ली सरकार ने नव वर्ष पर दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। इस क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत सभी कार्डधारकों को जनवरी, 2026 से मार्च, 2027 तक (कुल 15 माह) मुफ्त चीनी वितरण को मंजूरी दे दी गई है।
सीएम रेखा गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि गरीबों का कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के तहत दिल्ली के सभी एएवाई लाभार्थियों को हर माह एक किलो चीनी सही और मानक ब्रांडिंग वाले पैकेट में फ्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना दिल्ली सरकार की गरीब-हितैषी नीतियों की दिशा में एक और ठोस कदम है, जिससे सबसे कमजोर वर्ग को खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त सामग्री भी सुनिश्चित होगी।
कैबिनेट की जानकारी के अनुसार वर्तमान में उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खुली चीनी वितरित की जाती है, जिससे धूल-मिट्टी, नमी, कीटाणुओं और कम तौल जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। अब एक किलो के पैक्ड और ब्रांडेड पैकेट में चीनी उपलब्ध कराए जाने से न सिर्फ मात्रा की सटीकता सुनिश्चित होगी बल्कि स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और उपयोग में भी सुविधा मिलेगी।
65,883 एएवाई परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार दिल्ली में कुल 65,883 एएवाई परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे, जिन्हें प्रति कार्ड प्रति माह एक किलो चीनी दी जाएगी। जब तक ब्रांडेड पैकेट के लिए नया टेंडर अंतिम रूप से स्वीकृत नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा व्यवस्था के तहत चीनी का वितरण जारी रहेगा ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप कार्य कर रही है, जिसमें उन्होंने हमेशा गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दिल्ली सरकार इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए लगातार गरीबों और वंचित वर्गों के लिए कार्य कर रही है।
अटल कैंटीन का भी जिक्र
मुख्यमंत्री के अनुसार इसी संकल्प के तहत अटल कैंटीन के माध्यम से सस्ती और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था, गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों की उपलब्धता, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि शामिल हैं। दिल्ली सरकार का स्पष्ट मत है कि कोई भी जरूरतमंद नागरिक बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।
