यौन शोषण मामला : जल्द सुनवाई के अनुरोध वाली बृजभूषण की अर्जी पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शऱण सिंह की उस याचिका पर शुक्रवार को शहर की पुलिस और पहलवानों से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने कई महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद करने के अनुरोध वाली उनकी अर्जी पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया है।

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण ने 13 जनवरी, 2025 को सूचीबद्ध मुख्य याचिका पर इस आधार पर पहले सुनवाई करने का अनुरोध किया है कि निचली अदालत में मामला अभियोजन साक्ष्य दायर करने के चरण में है और याचिका जब तक उच्च न्यायालय के समक्ष आएगी, तब तक अधिकतर गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके होंगे।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने याचिका पर दिल्ली पुलिस और पहलवानों को नोटिस जारी की, जिसमें सिंह ने उच्च न्यायालय से यह भी आग्रह किया है कि निचली अदालत को उनकी लंबित याचिका के निबटारे तक आपराधिक मामले में आगे नहीं बढ़ने का निर्देश दिया जाए। उच्च न्यायालय ने पुलिस और पहलवानों से याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले को 16 दिसम्बर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान बृजभूषण की तरफ से पेश वकील राजीव मोहन ने दलील दी कि एक विशेष अदालत होने के नाते निचली अदालत मामले पर साप्ताहिक आधार पर सुनवाई कर रही है और पीड़ितों में से एक का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है।

निचली अदालत में सुनवाई पर रोक का आग्रह करते हुए याचिका में कहा गया है कि अगर मुकदमा जारी रहेगा, तो इससे सिंह को पूर्वाग्रह और मानसिक पीड़ा होगी, जिन्होंने प्राथमिकी रद किए जाने के गुण-दोष के आधार पर एक मजबूत मामला होने का दावा किया था।

भाजपा नेता सिंह पर कई महिला पहलवानों ने पिछले साल यौन शोषण का आरोप लगाया था। पहलवान उनके खिलाफ आरोपों की जांच की मांग को लेकर कई महीनों तक धरने पर भी बैठे थे। मई 2023 में उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

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