नई दिल्ली, 1 अप्रैल। मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच कच्चे तेल की कीमत में उछाल से दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसी क्रम में भारत में तेल विपणन कम्पनियों ने आज 19 किलो वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की है। दिल्ली में इसकी कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। लेकिन घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले माह सात मार्च को इसकी कीमत में 60 रुपये की इजाफा किया गया था।
पीएम मोदी की प्रतिबद्धता से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
केंद्र सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमत में बढ़ोतरी नहीं की गई है। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये है। इसी तरह उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए इसकी कीमत 613 रुपये रखी गई है।
हर सिलेंडर पर ₹380 रुपये का घाटा, फिर भी नहीं बढ़ाई कीमत
सरकार का कहना है कि इस कीमत पर तेल विपणन कम्पनियों को हर सिलेंडर पर 380 रुपये का नुकसान हो रहा है, इसके बावजूद देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमत नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश की तुलना में कम है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में वृद्धि पर सरकार का स्पष्टीकरण
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत पर सरकार का नियंत्रण नहीं है और इसका निर्धारण बाजार के मुताबिक होता है। इसका इस्तेमाल इंडस्ट्री और होटलों में होता है और हर महीने की पहली तारीख को इसकी कीमत में संशोधन होता है। देश में कुल एलपीजी खपत में कमर्शियल एलपीजी की हिस्सेदारी महज 10 फीसदी है।
Prices of Commercial LPG cylinders, used by industries and hotels, are deregulated, market determined and revised normally on a monthly basis. Their consumption is less than 10% of the total LPG consumed in the country.
April 1 price increase in Commercial cylinder price is due…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 1, 2026
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत में आई काफी तेजी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ताजा बढ़ोतरी की वजह है। सऊदी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत में मार्च की तुलना में अप्रैल 44 फीसदी की तेजी आई है। मार्च के लिए यह 542 डॉलर टन थी, जो अप्रैल के लिए 780 डॉलर पहुंच गई। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे ग्लोबल एलपीजी सप्लाई की 20 से 30 फीसदी सप्लाई फंसी हुई है।
- भारत में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की मौजूदा कीमत 913 रुपये।
- हर सिलेंडर पर सरकार को 380 रुपये का नुकसान हो रहा।
- मई तक कुल घाटा करीब 40,484 करोड़ रुपये पहुंच सकता है।
- पिछले वर्ष सरकार का कुल घाटा ₹60,000 करोड़ का था।
- कई पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में सस्ता है सिलेंडर।
- पाकिस्तान में कीमत ₹1,046, श्रीलंका में ₹1,242 और नेपाल में ₹1,208।
