कोडीन कफ सिरप केस : मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई आदित्य गिरफ्तार
वाराणसी, 13 जनवरी। कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में कोतवाली पुलिस ने सोमवार को 75 हजार रुपये के इनामी मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आदित्य जायसवाल की सप्तसागर मंडी में ‘स्वस्तिक फार्मा’ नाम से फर्म है। शुभम जायसवाल को लाभ पहुंचाने की नियत से आदित्य जायसवाल द्वारा ‘शिव इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म में नगदी जमा करने का काम किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, स्वस्तिक फार्मा फर्म के प्रोप्राइटर आदित्य जायसवाल द्वारा पालीकोठी स्थित एक बैंक की शाखा में एक करोड़ रुपये नगद जमा किए गए थे। बैंक में पैसा जमा करते समय एक स्लिप पर आदित्य जायसवाल द्वारा अपना नाम और नंबर लिखा गया था। पूछताछ में आदित्य ने बताया कि वह करीब सात-आठ वर्षों से यह फर्म चला रहा है। करीब दो वर्ष पहले शुभम जायसवाल द्वारा षड्यंत्र के तहत फर्जी टैक्स, इनवॉइस और ई-बिल बनाने के लिए कई फर्मों को खोली गई थी।
इसी योजना के तहत ‘शिव इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म खोली गई, जिसमें नगदी रुपये आदित्य जायसवाल द्वारा जमा किए जाते रहे। आदित्य जायसवाल धीरे-धीरे शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद के काले कारोबार से जुड़ गया और रिश्तेदार से राजदार बन गया। आदित्य ने पूछताछ में यह भी बताया कि कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं, जो नगदी को फर्मों और बैंकों में जमा करने का काम शुभम जायसवाल के लिए करते रहे हैं।
कफ सिरप तस्करी की जांच को लेकर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को सवाल किया कि राज्य में कोडीन युक्त कफ सिरप गिरोह मामले में शामिल लोगों की जांच कोई केंद्रीय एजेंसी क्यों नहीं कर रही और उन्होंने दावा किया कि छापेमारी केवल चुनावी राज्यों में ही की जा रही है। अखिलेश यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से कहा, ‘‘कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट में शामिल लोगों ने आठ सौ करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है, लेकिन ईडी या सीबीआई उनकी जांच नहीं कर रही।’’
