CM योगी से सवाल पूछने की कोशिश के बाद पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने लगाए गंभीर आरोप, BJP ने किया खारिज

लखनऊ, 13 सितंबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस वार्ता के दौरान सवाल पूछने की कोशिश करने वाली स्वतंत्र पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने अभद्रता और गंभीर धमकियां मिलने का आरोप लगाया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकार का कहना है कि उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ रहा है। दिव्या श्रीवास्तव के मुताबिक, लखनऊ में अकेले रहने के कारण उन्हें अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। पत्रकार के अनुसार, उन्हें घर पर बुलडोजर चलवाने जैसी धमकियां भी दी गईं।

CM योगी से सवाल पूछना चाहती थीं दिव्या

पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव का कहना है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बारिश के बाद जलभराव और एक्सप्रेस-वे से जुड़ी समस्याओं पर सवाल पूछना चाहती थीं। उनके अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद जब वह वहां से जाने लगे तो उन्होंने सवाल पूछने का प्रयास किया। दिव्या का दावा है कि मुख्यमंत्री ने हाथ से इशारा किया और मंच से आगे बढ़ गए। इसके बाद उनके साथ मौजूद अन्य भाजपा नेता भी वहां से चले गए।

पत्रकार ने लगाया अभद्रता और धमकी का आरोप

दिव्या श्रीवास्तव के मुताबिक, मुख्यमंत्री के जाने के तुरंत बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें गंभीर धमकियां दी गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया। पत्रकार ने कहा कि ऑनलाइन भी उन्हें ट्रोलिंग और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

यूथ कांग्रेस ने किया पत्रकार का समर्थन

मामले को लेकर यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पत्रकार के समर्थन में पोस्ट किया है। संगठन ने घटना को लेकर राज्य सरकार से सवाल किए और पत्रकार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

BJP ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पार्टी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी और इसमें प्रश्न-उत्तर यानी Q&A का कोई सत्र निर्धारित नहीं था। भाजपा प्रवक्ता ने पत्रकार की संस्थागत पहचान पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद केवल वीडियो बनाने के उद्देश्य से विवाद खड़ा किया गया।

BJP प्रवक्ता बोले- धमकी मिलने पर पुलिस में करें शिकायत

राकेश त्रिपाठी ने यह भी कहा कि यदि किसी महिला या पत्रकार को सोशल मीडिया पर अनुचित या गंभीर धमकियां मिल रही हैं, तो उन्हें तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर पुलिस को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे मामले में पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोप और भाजपा की ओर से दी गई सफाई सामने है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के दावों के बीच विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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