बीजिंग/ नई दिल्ली, 13 सितम्बर। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे व आखिरी दिन रविवार को अपने संबोधन के दौरान ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए पांच नई पहलें प्रस्तावित कीं।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में 18वें शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संबोधन की जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार, 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ओपन सोर्स और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पहल पर बात करते हुए कहा कि चीन ब्रिक्स के तहत एक एआई ओपन सोर्स समुदाय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। वह बड़े भाषा मॉडल के विकास और उनके उपयोग में सहयोग को बढ़ावा देगा।
President Xi Jinping attended Session II of the 18th BRICS Summit and delivered an important statement.
President Xi proposed five initiatives for deepening BRICS cooperation:
1️⃣ The open source and inclusive AI initiative.
China will be a pioneer in establishing a BRICS AI… pic.twitter.com/MeDqv1IXAH
— Mao Ning 毛宁 (@SpoxCHN_MaoNing) September 13, 2026
जिनपिंग ने बताया कि चीन एआई से जुड़े विशेष सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा तथा एआई के लिए एक खुला और सहयोगी इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा। इसके अलावा, उन्होंने व्यापार और निवेश को आसान बनाने पर बात की। जिनपिंग ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का प्रस्ताव रखा है।
चीनी राष्ट्रपति ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत सदस्य देश एक स्मार्ट ऑनलाइन पोर्टल बना सकेंगे, नीतियों में बेहतर तालमेल कर सकेंगे और खुले विकास के लिए नए अवसर तैयार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई गति देने के लिए चीन अगले वर्ष ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच आयोजित करेगा।
राष्ट्रपति जिनपिंग ने बताया कि चीन ब्रिक्स देशों के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म स्थापित करने की दिशा में काम करेगा। इसके तहत डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मिलकर डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाया जा सके।
BRICS Summit related interactions continue at Bharat Mandapam. pic.twitter.com/Hq3Q6xjvuN
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2026
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग पर बात करते हुए जिनपिंग ने कहा कि चीन अन्य ब्रिक्स देशों को स्मार्ट फैक्ट्री बनाने और उनसे जुड़े मानक एवं नियम विकसित करने में मदद देने के लिए तैयार है। इसके जरिए सदस्य देश मिलकर अपने विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बना सकेंगे और उसकी गुणवत्ता तथा क्षमता बढ़ा सकेंगे।
इसके अलावा उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रतिभा विकास पर बात करते हुए कहा कि चीन ने ब्रिक्स इंजीनियर विकास गठबंधन बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य इंजीनियरों का संयुक्त प्रशिक्षण करना और उनकी योग्यता के मानकों को एक-दूसरे द्वारा मान्यता देना है।
इसके साथ ही चीन ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार आदान-प्रदान कार्यक्रम भी शुरू करेगा, ताकि भविष्य के लिए अधिक कुशल और प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार किया जा सके। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, व्यापार, उद्योग, नवाचार और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना है।

समिट के बाद जिनपिंग स्वदेश रवाना
राष्ट्रपति जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद स्वदेश भी रवाना हो गए। दूसरे दिन आउटरीच बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुनने के बाद उन्होंने फैमिली फोटो भी खिंचवाई।
With leaders of BRICS Member and Partner Countries, Outreach Invitees and Heads of International Organisations together at BRICS Summit in New Delhi.
A powerful reflection of the growing strength and global resonance of the BRICS family.
We are connected by a shared vision of… pic.twitter.com/TdsHEbx0yA
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2026
जिनपिंग शनिवार को ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए लगभग सात वर्षों बाद भारत आए थे। शिखर सम्मेलन से इतर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं। इसके साथ ही दोनों देशों द्वारा सीमा विवाद को सुलझाते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की।


