LPG संकट के बीच केंद्र की घोषणा : राज्यों को 20 प्रतिशत ज्यादा गैस मिलेगी, 23 मार्च से लागू होगी नई व्यवस्था
नई दिल्ली, 21 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उपजे ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों को बड़ी राहत प्रदान की और उन्हें 20 फीसदी अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर एलपीजी सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि 23 मार्च, 2026 से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों की कुल गैस आपूर्ति व्याप्त संकट से पहले के स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.
होटलों के अलावा ढाबों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को मिलेगी प्राथमिकता
डॉ. नीरज मित्तल के पत्र के अनुसार जो अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस दी जाएगी, उसका प्रयोग चुने गए सेक्टरों के लिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। यह सप्लाई मुख्य रूप से ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्रियल कैंटीन को दी जाएगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खान-पान की सेवाओं और फूड इंडस्ट्री पर संकट का असर कम से कम से कम हो।
प्रवासी मजदूरों के लिए 5KG वाला सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए
प्रवासी मजदूरों की जरूरतों का भी मंत्रालय ने ध्यान रखा है। पत्र के अनुसार 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध कराया जाए। इस बारे में सचिव ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस अतिरिक्त आवंटन की कालाबाजारी या डायवर्जन (गलत इस्तेमाल) न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर को भी राहत
इसके अलावा गैस की अतिरिक्त खेप का फायदा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा। वहीं राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों द्वारा चलाई जा रही सब्सिडी की कैंटीन और आउटलेट्स को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके साथ ही सामुदायिक रसोई को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है ताकि आम लोगों तक भोजन की पहुंच बनी रहे।
