नागोया, तीन अक्टूबर। निशानेबाजी और एथलेटिक्स में मिली निराशा से उबरते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) के अंतिम दौर में जबर्दस्त वापसी की और मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती व हॉकी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी। यही वजह रही कि एशियाई खेलों में खराब शुरुआत के बावजूद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।
🇮🇳 A champion will lead the way! 🌟
Neeru will proudly carry the Tricolour as India’s flag bearer at the #AsianGames2026 Closing Ceremony, leading Team India into the final moments of a memorable campaign with pride, power and the spirit of a billion! ❤️🔥#TeamIndia… pic.twitter.com/U3b7VWI5oD
— SAI Media (@Media_SAI) October 3, 2026
अंतिम 4 दिनों में भारतीय दल ने जीते 15 स्वर्ण
पदक स्पर्धओं का 14वां व अंतिम दिन समाप्त होने के बाद रविवार को प्रस्तावित समापन समारोह के लिए तैयार Aichi-Nagoya 2026 में समग्र प्रदर्शन पर गौर करें तो भारतीय दल ने अंतिम चार दिनों में कुल 15 स्वर्ण पदक जीते। इनमें बुधवार को चार, शुक्रवार को छह और शनिवार को मिले पांच स्वर्ण शामिल हैं।
🔥 ONE DAY. NINE MEDALS. COUNTLESS MOMENTS OF GLORY! 🇮🇳
Team India turned Day 17 of #AsianGames2026 into a celebration of sporting excellence! 🏆
🏑 Hockey heroes defended their crown with a thumping 5-1 win!
🏏 The Men’s Cricket Team held their nerve to beat Pakistan by 19… pic.twitter.com/AtXMQOJTOQ— SAI Media (@Media_SAI) October 3, 2026
इस बार कबड्डी, क्रिकेट व हॉकी में ‘गोल्डन डबल’
दिलचस्प यह रहा कि इस बार कबड्डी व क्रिकेट के बाद हॉकी में भी भारतीय टीमों ने ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया। भारत की महिला व पुरुष कबड्डी टीमों ने मौजूदा संस्करण के पहले हफ्ते में स्वर्ण पदक का बचाव किया था। उसके बाद महिला क्रिकेट टीम ने उपाधि की रक्षा की। शुक्रवार को महिला हॉकी टीम मौजूदा ओलम्पिक रजत पदक विजेता और गत चैम्पियन चीन को 1-0 से हरा 44 वर्षों बाद स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही तो पदक स्पर्धाओं के अंतिम दिन आज पहले श्रेयस अय्यर एंड कम्पनी ने खिताब बचाया और फिर हरमनप्रीत के जांबाजों ने नया अध्याय लिखा। इसी क्रम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाड में पहली बार खिताब की रक्षा की।
21 स्वर्ण सहित 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहकर अभियान का समापन
अंततः भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत व 37 कांस्य सहित कुल 85 पदकों के साथ अंतिम दिन उज्बेकिस्तान (21+25+24=70) को भी पांचवें स्थान पर पछाड़ा और खुद पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहकर अपने शानदार अभियान का समापन किया।
🇮🇳 85 MEDALS. ONE PROUD CAMPAIGN. 🏆🔥
The curtains come down on a memorable #AsianGames2026 campaign for Team India! 🇮🇳
🥇 21 Gold
🥈 27 Silver
🥉 37 Bronze
🏅 85 Medals
📍 4th PositionFrom breakthrough performances to unforgettable victories, our champions gave it their all… pic.twitter.com/wmt2LNLc5V
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चीन, मेजबान जापान व कोरिया ने हासिल किया टॉप 3
दूसरी तरफ शुरुआत से ही सबसे आगे रहे चीन ने सर्वाधिक 341 पदक (169+89+83) जीते जबकि मेजबान जापान (83+95+91=269) व कोरिया गणराज्य (39+43+68=150) क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।
एशियाई खेलों में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, हांगझू में मिले थे 107 पदक
वस्तुतः भारत का एशियाई खेलों में यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। तीन वर्ष पहले हांगझू एशियाड में ‘इस बार सौ पार’ का लक्ष्य लेकर उतरा 655 सदस्यीय दल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में कामयाब रहा था 28 स्वर्ण, 38 रजत व 41 कांस्य सहित 107 पदकों के साथ चौथे स्थान पर ही रहकर अपने शानदार अभियान का समापन किया था।

शूटिंग में इस बार ज्यादा निराशा मिली
हालांकि देखा जाए तो एशियाई खेलों का पहला सप्ताह भारत के लिए निराशाजनक रहा। चीन में सात स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर इस बार व्यक्तिगत राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। हालांकि निशानेबाजी में तीन स्वर्ण, आठ रजत व चार कांस्य सहित कुल 15 पदक मिले। इनमें दो स्वर्ण पदक तो ट्रैप शूटर नीरू ढांडा के नाम रहे। समापन समारोह की भारतीय ध्वजवाहक के रूप में चयनित नीरू ने ट्रैप महिला व्यक्तिगत के अलावा काइनन चेनाई संग मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में बाजी मारी। तीसरा स्वर्ण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम ने जीता।

एथलेटिक्स में भी सिर्फ एक स्वर्ण हाथ लगा
एथलेटिक्स में कुछ शानदार प्रदर्शन देखने को मिले, जिसमें लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने तीन पदक जीते, लेकिन भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या हांगझू में जीते गए छह स्वर्ण से घटकर इस बार केवल एक रह गई। इसके चलते भारत एक समय पदक तालिका में शीर्ष 10 से बाहर बना हुआ था।


