अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के शीर्ष अधिकारियों की बैठक ली, विपक्ष ने सीएम भगवंत मान पर बोला हमला

नई दिल्ली, 12 अप्रैल। पंजाब की राजनीति आज अचानक गरम हो उठी, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां पंजाब के शीर्ष अधिकारियों की बैठक ले ली। दिलचस्प यह रहा कि उस बैठक में खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अनुपस्थित रहे।

विपक्ष ने पूछा – राज्य का असली मुख्यमंत्री कौन?

देखा जाए तो भगवंत मान की अगुआई में पंजाब में जब से ‘आप’ सरकार गठित हुई है, तभी से राज्य का असली मुख्यमंत्री कौन है, इसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है। अब यह खबर सामने आने के बाद विपक्षी कांग्रेस, भाजपा और कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमलावर हो गए हैं। सबने मान से यही सवाल पूछा है कि राज्य का असली मुख्यमंत्री कौन है?

सत तो झुका ही दिया था, अब माथा भी टेक दिया क्या?

पंजाब प्रदेश कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरिंदर सिंह बराड़ ने ‘आप’ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, ऊर्जा सचिव दिलीप कुमार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष बलदेव सिंह सरन के साथ बैठक की। इस बैठक में न मुख्यमंत्री भगवंत मान शामिल थे और न ही ऊर्जामंत्री हरभजन सिंह। हालंकि, सांसद राघव चड्डा और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जरूर शामिल थे।’

अरमिंदर बराड़ ने सवाल दागते हुए कहा कि, ‘क्या दिल्ली वालों द्वारा पंजाब की कठपुतली बनाई जाएगी, किस हैसियत से और किस मुद्दे पर यह बैठक हुई।’ उन्होंने मुख्यमंत्री मान पर हमला बोलते हुए पूछा कि, ‘सर तो झुका दिया ही था अब माथा भी टेक दिया है क्या?’

कैप्टन अमरिंदर बोले – जिसका डर था, वही हो रहा

पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब लोक कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस घटनाक्रम को लेकर ‘आप’ और मान पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘जिसका डर था, वही हो रहा है। अरविंद केजरीवाल ने ऐसा होने की उम्मीद से बहुत पहले ही पंजाब पर कब्जा कर लिया है। भगवंत मान एक रबर स्टैंप है, पहले से ही एक निष्कर्ष था, अब केजरीवाल ने दिल्ली में पंजाब अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करके इसे सही साबित कर दिया है।’

नवजोत सिद्धू ने मांगा स्पष्टीकरण, कहा – पंजाबी गौरव का अपमान

वहीं पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने केजरीवाल और मान से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ‘चलने दो आंधियां हकीकत की, न जाने कौन से झोंके से बहरूपियों के मुखौटे उड़ जाएं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अनुपस्थिति में पंजाब के आईएएस अधिकारियों को अरविंद केजरीवाल ने किया तलब। यह डिफैक्टो सीएम और दिल्ली रिमोट कंट्रोल को उजागर करता है। संघवाद का स्पष्ट उल्लंघन, पंजाबी गौरव का अपमान। दोनों को स्पष्ट करना चाहिए।’

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