युद्ध के बीच अमेरिका ने माना- ‘ईरान ने हमारा फाइटर जेट मार गिराया, पायलट भी लापता’
तेहरान/वॉशिंगटन, 3 अप्रैल। ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए हैं। इनमें एक एफ-35 और एफ-15 फाइटर जेट शामिल हैं। वहीं अमेरिका ने भी पहली बार स्वीकार किया है कि उसका फाइटर जेट ईरान द्वारा मार गिराया गया है, जिससे पायलट लापता हो गया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ को बताया कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया और किसी भी जीवित बचे व्यक्ति की तलाश और बचाव अभियान जारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा एक खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
ईरान ने अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए सैनिकों को तैनात किया
देखा जाए तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध का आदेश देने के बाद ईरान के भीतर किसी विमान के नष्ट होने की यह पहली ज्ञात घटना है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ईरान ने इसके लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है और ईनाम की भी घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि ईरान व अमेरिका के बीच यह युद्ध एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है। गत 28 फरवरी को इजराइल व अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान की जवाबी काररवाई ने इस संघर्ष को पूरे मध्य पूर्व में फैला दिया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई और दुनियाभर में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
‘पायलट को जिंदा पकड़ने पर मिलेगा ईनाम‘
इस बीच ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने कहा, ‘सैन्य बलों ने उस अमेरिकी लड़ाकू पायलट को खोजने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया है, जिसे आज पहले निशाना बनाया गया था।’ एक ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने आधिकारिक स्थानीय चैनल पर कहा, ‘कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के प्यारे और सम्मानित लोगों, यदि आप दुश्मन पायलट या पायलटों को जिंदा पकड़कर पुलिस और सैन्य बलों के हवाले करते हैं तो आपको एक कीमती ईनाम और बोनस दिया जाएगा।’
पूरे युद्ध के दौरान, ईरान ने दुश्मन विमानों को मार गिराने के बारे में कई दावे किए, जो बाद में सच साबित नहीं हुए। लेकिन, शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ, जब ईरान ने टेलीविजन पर आकर जनता से एक संदिग्ध पायलट को खोजने की अपील की।
इस बीच, ईरान ने शुक्रवार को समूचे पश्चिम एशिया में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे कुवैत में समुद्री पानी को पेयजल में बदलने वाला एक विलवणीकरण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया और एक रिफाइनरी में आग लग गई। वहीं, अमेरिका और इजराइल ने हवाई हमले कर तेहरान को निशाना बनाया। इस युद्ध को शुरू हुए लगभग पांच सप्ताह हो गए हैं।
