पश्चिम एशिया संकट : केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता
नई दिल्ली, 25 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते धीरे-धीरे अन्य देशों के लिए परेशानी खड़ी होती जा रही है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों – लोकसभा व राज्यसभा में वक्तव्य दे चुके हैं और अब सरकार ने आधिकारिक तौर पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, ताकि बदलती स्थिति और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर चर्चा की जा सके।
यह बैठक बुधवार शाम पांच बजे संसद भवन में होनी है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसकी अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक एकता का प्रदर्शन करना और दुनिया को यह संदेश देना है कि भारत गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकटों के मामले में पूरी तरह एकजुट है।
गृह मंत्री अमित शाह व विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा सभी प्रमुख विपक्षी दलों के सदन के नेताओं के बैठक में उपस्थित रहने की संभावना है। इस बातचीत के जरिए, सरकार का लक्ष्य विपक्ष को विश्वास में लेना और संघर्ष के संबंध में एक साझा राष्ट्रीय रणनीति तैयार करना है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए समर्पित रूप से काम करने हेतु मंत्रियों और सचिवों के एक समूह के गठन का निर्देश भी दिया है।
राहुल गांधी बैठक में नहीं हो रहे शामिल
फिलहाल लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों को बताया कि वह सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि उन्हें केरल में एक कार्यक्रम में भाग लेना है।
इससे पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि संकट पर उनका बयान ‘पहले से तैयार किया गया भाषण है, जो पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों की आत्म-प्रशंसा से भरा है’। वहीं तेल व LPG संकट के मद्देनजर विपक्ष ने आज केंद्र सरकार के खिलाफ संसद परिसर में घेराव किया और विपक्षी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
