अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर हमला- ‘प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया’

नई दिल्ली, 28 जुलाई। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर प्रहार किया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को अहंकार था कि सरकार झुकती नहीं है। देशभर के युवाओं ने अपने आंदोलन से इस सरकार को झुका दिया।

अपने भाषण में अखिलेश ने कहा कि युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारा दिया- झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है। सरकार झुकी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। लेकिन, सरकार ने ‘प्रधान’ को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया।

यह सरकार पिछले कई वर्षों से नकारात्मक प्रचार पर टिकी हुई थी

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, ‘पूरे देश ने देखा कि मंत्री जब मंत्री नहीं रहे, तो संसद के बाहर उनका स्वागत किया गया। स्वागत पर शिकायत नहीं है, लेकिन माननीय सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी कि उन्होंने कितने बड़े संकट से बचा लिया। एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। ऐसा आंदोलन किसी ने नहीं देखा, जिसमें कम उम्र की पीढ़ी निकलकर सामने आए। जिस तरह के नारे आंदोलन में दिए गए, उससे साफ हो गया कि यह सरकार पिछले कई सालों से नकारात्मक प्रचार पर टिकी हुई थी।’

‘जो सरकार चढ़ावा न बचा पाई..पेपर लीक क्या रोकेगी’

सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा वचन नहीं देती, केवल जुमला देती है। छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार परीक्षा संशोधन बिल ला रही है, लेकिन जो सरकार अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाई, वो पेपर लीक कैसे रोक पाएगी। उन्होंने कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश के अंदर 20 से ज्यादा परीक्षाएं लीक हुई हैं, जंतर-मंतर के आंदोलन में सबसे ज्यादा छात्र नौजवान यूपी से ही निकल कर आए थे।

‘जब सरकार घबराती है, तब झुकती है’

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को ये भी एहसास हो गया कि मजाक-मजाक में बना एक दल कितने गंभीर मुद्दे पर परिणाम ले आया। इस सरकार ने किसानों की भी नहीं सुनी थी। जब पूरी दिल्ली को किसानों ने घेर लिया और सामने चुनाव आ गए, तब इन्होंने तीनों काले कृषि कानून वापस ले लिए। जब ये सरकार घबरा जाती है, डर जाती है, तब ये स्वीकार करती है और झुकती है। जब आंदोलन होता है तो बडे़ स्तर पर तैयारी होती है। लेकिन, दिल्ली में हुआ आंदोलन ऐसा था, जिसमें बच्चों का साथ उनके माता-पिता ने दिया।

सपा प्रमुख ने इमरजेंसी पर भी दिया जवाब

अखिलेश ने अपने भाषण में इमरजेंसी की भी जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने इमरजेंसी नहीं देखी, लेकिन इमरजेंसी में क्या-क्या हुआ, वो अभी देश की राजधानी दिल्ली में जरूर देखा। बच्चों पर लाठियां चलाई गईं, कील वाली लाठियां मारी गईं, आंसू गैस के गोले छोड़ गए। उस वक्त करंट नहीं लगाया जाता था, इस बार करंट भी लगाया गया। ये इमरजेंसी से कम बड़ा अन्याय नहीं है।’

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