श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट : एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पहले CEO नियुक्त, बैठक में लगी अंतिम मुहर

अयोध्या, 2 सितम्बर। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी से उभरे विवाद के बाद सुर्खियों में आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। इस क्रम में भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ट्रस्ट का पहले सीईओ नियुक्त किए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। ट्रस्ट की ओर से गठित सर्च कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने यह जानकारी दी।

सीईओ पद के लिए कुल 5585 आवेदन आए थे

उल्लेखनीय है कि श्रीराम मंदिर के सीईओ पद के लिए कुल 5585 आवेदन आए थे। इन आवेदनों का बहुस्तरीय मूल्यांकन दिल्ली-एनसीआर, पुणे और उड़ीसा के संबलपुर में विशेषज्ञों की टीमों ने किया। मंगलवार को सर्च कमेटी के सचिव समीर पांड्या ने ट्रस्ट को पैनल सौंपा और आज इस पैनल पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया गया।

ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की भी घोषणा

हालांकि, राम मंदिर के सीईओ पद पर आखिरी समय तक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रिटायर्ड आईपीएस राजेश पांडेय की नियुक्ति की चर्चा थी। लेकिन ट्रस्ट की बैठक में अटकलों से अलग जितेंद्र मिश्र के नाम पर अंतिम मुहर लगी। वहीं, ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की भी घोषणा की गई। नए शामिल होने वाले सदस्यों में मदन मोहन पांडेय (अयोध्या), महेश भागचंदका (दिल्ली) और निर्मला यादव (शिकोहाबाद) हैं।

अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर हुई बैठक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिरामदास छावनी पर बैठक आयोजित की गई। इसमें ट्रस्ट के पहले सीईओ की नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई। बैठक में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर सहमति बनी। ट्रस्ट की ओर से गठित सर्च कमेटी की ओर से तीन नामों का पैनल सौंपा गया था। इनमें से एक नाम को मंजूरी दी गई।

समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने दी जानकारी

इसके पूर्व मंगलवार को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की ओर से गठित सर्च कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने पूरी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी और निष्पक्ष रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘पैनल में शामिल सदस्यों का चयन मेरिट की उत्कृष्टता के आधार पर किया गया है। उन्होंने चयन समिति को लेकर कहा कि इसमें शामिल सभी लोग दूरदर्शी, भरोसेमंद और समर्पित हैं। उनमें काम करने की इच्छा है। हम लोगों को यहां योगदान का अवसर मिला है। इसके लिए रामलला और राम मंदिर ट्रस्ट के हम आभारी हैं।’

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