1. Home
  2. revoinews
  3. ईद की नमाज के बाद नमाजियों से बोलीं ममता बनर्जी- भाजपा को मताधिकार नहीं छीनने देंगे, अंत तक लड़ेंगे
ईद की नमाज के बाद नमाजियों से बोलीं ममता बनर्जी- भाजपा को मताधिकार नहीं छीनने देंगे, अंत तक लड़ेंगे

ईद की नमाज के बाद नमाजियों से बोलीं ममता बनर्जी- भाजपा को मताधिकार नहीं छीनने देंगे, अंत तक लड़ेंगे

0
Social Share

कोलकाता, 21 मार्च। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के जरिये लोगों का ”मताधिकार छीनने” की कोशिश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कोलकाता में रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद हजारों नमाजियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) राज्य में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। तृणमूल का दावा है कि एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

बनर्जी ने कहा, ”हम (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी और भाजपा को आपका मताधिकार नहीं छीनने देंगे। लोकतंत्र और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए हम अंत तक लड़ेंगे।” बनर्जी की यह टिप्पणी मतदाता सूची की समीक्षा की उस कवायद को लेकर तेज होते राजनीतिक विवाद के बीच आई है जिसे तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश करार देती रही है। बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण या सत्यापन के नाम पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की हर कोशिश का उनकी पार्टी विरोध करेगी।

उन्होंने सभा में मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ”जो लोग बंगाल को निशाना बना रहे हैं और लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें जहन्नुम में जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक सौहार्द की पश्चिम बंगाल की पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने वाली ताकतों को राज्य सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा, ”बंगाल एकता में विश्वास करता है। हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, यहां सभी साथ रहते हैं। हम किसी को भी इस सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने नहीं देंगे।”

रेड रोड पर होने वाला वार्षिक ईद समागम पूर्वी भारत के इस प्रकार के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। यह चुनावी वर्षों में अक्सर राजनीतिक मंच के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जिससे दलों को राज्य के बड़े मुस्लिम मतदाता वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलता है। यह वर्ग राज्य की आबादी का करीब 30 प्रतिशत है। इस वर्ष के आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है क्योंकि राज्य में अहम विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में है, जबकि भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव एवं 2021 के विधानसभा चुनाव में मिली बढ़त को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code