अहमदाबाद, 22 जनवरी। वैश्विक स्तर पर विविध कारोबार वाले अदाणी ग्रुप का हिस्सा और भारत की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटरिंग कम्पनी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने 31 दिसम्बर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन के नतीजे जारी कर दिए हैं।
इस अवसर पर अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि हमने एक और मजबूत तिमाही का प्रदर्शन किया है। चुनौतियों के बावजूद, जमीनी स्तर पर बेहतर काम हुआ है साथ ही ऑपरेशन औऱ मेंटेनेंस पर फोकस और पेंजी प्रबंधन जैसी हमारी मुख्य शक्तियों ने प्रोजेक्ट विकास में लगातार प्रगति बनाए रखने में मदद की है।’
कंदर्प पटेल ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान हमने चार ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चालू किए हैं। कम्पनी ने लगभग 92.5 लाख मीटर की उपलब्धि हासिल की है, जो देश में किसी भी कम्पनी द्वारा हासिल किया गया अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और वह भी रिकॉर्ड दैनिक इंस्टॉलेशन दर के साथ। भविष्य में, हमें अपने सभी कारोबार क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं मजबूत नजर आ रही हैं। हमें अपने सभी प्रमुख सेगमेंट में एसेट कैपिटलाइजेशन कार्यक्रम में बेहतर बढ़ोतरी की उम्मीद है और निकट से मध्यम अवधि में बिडिंग गतिविधियों में भी तेज़ी आने की संभावना है।’
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 26 की नौ महीनों की मुख्य बातें :
समेकित वित्तीय प्रदर्शन : (करोड़ रुपये में)

राजस्व
- वित्त वर्ष 26 के नौ माह में कुल आय 20,737 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 6,945 करोड़ रुपये रही, जो क्रमशः 16.2% और 15.7% की वृद्धि को दर्शाती है। यह बढ़ोतरी सभी कारोबारी सेगमेंट में स्थिर परिचालन प्रदर्शन और एससीए से अधिक आय के कारण हुई।
- वित्त वर्ष 26 के नौ माह में परिचालन राजस्व 13,628 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 5.3% की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में यह 7.6% बढ़कर 4,491 करोड़ रुपये रहा। यह बढ़ोतरी हाल ही में परिचालन में आई ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों (एमपी–II वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में, खावड़ा फेज-II-ए, केपीएस-1 और सांगोद वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में तथा एनकेटीएल वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में) और स्मार्ट मीटर से मिले योगदान के कारण हुई।
एबिट्डा
- एबिट्डा स्तर पर, वित्त वर्ष 26 के नौ माह और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही, दोनों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इसका कारण ट्रांसमिशन और स्मार्ट मीटर से मजबूत वृद्धि तथा डिस्ट्रीब्यूशन, ईपीसी और अन्य सेगमेंट में स्थिर प्रदर्शन रहा।
- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में समेकित परिचालन एबिट्डा 1,802 करोड़ रुपए रहा, जिसमें 13.6% की वृद्धि हुई। यह बढ़ोतरी ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटर, सभी सेगमेंट में स्थिर प्रदर्शन के चलते हुई।
- ट्रांसमिशन कारोबार में परिचालन एबिट्डा 4.4% की मध्यम वृद्धि के साथ बढ़ा, जो प्रोजेक्ट्स के बैक-एंडेड कमीशनिंग के कारण रहा। इस सेगमेंट में ऑपरेटिंग एबिट्डा मार्जिन 92% रहा, जो पिछले वर्ष के 91% से बेहतर है।
कर-पूर्व लाभ : वित्त वर्ष 26 के नौ माह में समेकित पीबीटी 2,205 करोड़ रुपये रहा, जो 37.2% की वृद्धि को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी मजबूत एबिट्डा प्रदर्शन के चलते हुई, जिसे सालाना आधार पर मूल्यह्रास में मामूली बढ़ोतरी का भी समर्थन मिला। वहीं, वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पीबीटी 43.2% बढ़कर 801 करोड़ रुपये रहा।
समायोजित कर-पूर्व लाभ : वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में समायोजित पीएटी 574 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर 30.4% की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी एबिट्डा और पीबीटी स्तर पर मजबूत लाभप्रदता के कारण हुई। तुलनीय आधार पर तुलना के लिए पीएटी को पिछले वर्ष वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में मिले 185 करोड़ रुपये के एकमुश्त स्थगित कर (डिफर्ड टैक्स) के सकारात्मक प्रभाव के अनुसार समायोजित किया गया है।
खंडवार वित्तीय मुख्य बिंदु : (करोड़ रुपये में)

सेगमेंट-वार प्रमुख परिचालन मुख्य बिंदु : (करोड़ रुपये में)

ट्रांसमिशन व्यवसाय :
- तिमाही के दौरान कम्पनी ने मजबूत परिचालन मानक दर्ज किए, जहां औसत सिस्टम उपलब्धता 99.7% से अधिक रही। लाइन्स की बेहतर उपलब्धता के चलते वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 33 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय हुई, जो बेहतर ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस प्रथाओं को दर्शाती है।
- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में केपीएस III (खावड़ा साउथ ओलपाड) एचवीडीसी परियोजना जीतने के साथ कम्पनी की निर्माणाधीन ट्रांसमिशन परियोजनाओं की कुल पाइपलाइन बढ़कर 77,787 करोड़ रुपये हो गई।
- तिमाही के दौरान कम्पनी ने नॉर्थ करनपुरा ट्रांसमिशन लाइन (एनकेटीएल) परियोजना को पूरी तरह चालू किया और 299 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइन को परिचालन में लाया।
वितरण व्यवसाय (एईएमएल मुंबई और एमयूएल मुंद्रा) :
- एईएमएल के तहत मुंबई वितरण कारोबार में इस तिमाही के दौरान कुल 2,487 एमयू बिजली की बिक्री हुई जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 2,574 एमयू रहा था।
- एईएमएल नेटवर्क में वितरण हानि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 4.03% रही, जो देश में सबसे कम स्तरों में शामिल है।
सेगमेंट-वार प्रगति और आउटलुक :
ट्रांसमिशन:
- 13 परियोजनाओं की मजबूत निर्माणाधीन ट्रांसमिशन पाइपलाइन, जिसकी कुल अनुमानित लागत 77,787 करोड़ रुपये है।
- निकट अवधि में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन टेंडर अवसर मजबूत बने हुए हैं।
डिस्ट्रीब्यूशन :
- वितरण कारोबार ने स्थिर प्रदर्शन दर्ज किया। एईएमएल का रेगुलेटेड एसेट बेस (आरएबी) वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही तक 9,342 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 5,088 करोड़ रुपये इक्विटी और 4,254 करोड़ रुपये ऋण शामिल है। यह साल-दर-साल आधार पर 22% की वृद्धि को दर्शाता है।
स्मार्ट मीटर्स :
- वित्त वर्ष 26 के नौ माह तक कम्पनी ने कुल 92.5 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए। मौजूदा इंस्टॉलेशन गति को देखते हुए कंपनी वित्त वर्ष 26 के अंत तक एक करोड़ स्मार्ट मीटर के तय लक्ष्य को पार कर लेगी।
- कार्यान्वयन के तहत स्मार्ट मीटर की पाइपलाइन 24.6 मिलियन मीटर की है, जिसमें 10 परियोजनाएं शामिल हैं और जिनसे 29,519 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व संभावनाएं बनती हैं।
ईएसजी और अन्य अपडेट्स :
- एसएंडपी ग्लोबल से एईएसएल का सीएसए स्कोर 73/100 से बढ़कर 80/100 हो गया, जिससे एईएसएल 244 वैश्विक इलेक्ट्रिक यूटिलिटीज में शीर्ष 9 पर्सेंटाइल में शामिल हो गया।
- एईएसएल को वित्त वर्ष 25 के लिए एनएसई सस्टेनेबिलिटी रेटिंग्स एंड एनालिटिक्स लिमिटेड (एनएसई सस्टेनेबिलिटी) से 71 की समेकित ईएसजी रेटिंग प्राप्त हुई।
- एईएसएल का स्मार्ट मीटरिंग कारोबार एआई-एमएल आधारित टूल के लिए रामकृष्ण बजाज नेशनल क्वालिटी अवॉर्ड (सेवाएँ श्रेणी) में रनर-अप रहा। यह टूल मीटर वैलिडेशन को स्वचालित करता है और मीटर एक्टिवेशन की प्रक्रिया को तेज करता है।
- एईएमएल को वर्ष 25 में ‘द डिसरप्टर कस्टमर एक्सपीरियंस मैनेजमेंट’ श्रेणी में एसएपी एसीई स्पेशल जूरी रिकग्निशन अवॉर्ड मिला, जो डिजिटल नवाचार और सहज ग्राहक अनुभव के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
