एशियाई पैरा खेल : पैरा शटलरों ने जीते 3 स्वर्ण सहित छह पदक, नितेश व नवीन के नाम एकल खिताब

नागोया, 23 अक्टूबर। भारतीय पैरा शटलरों ने यहां पांचवें एशियाई पैरा खेलों (Aichi-Nagoya 2026 Asian Para Games) की बैडमिंटन स्पर्धाओं में शुक्रवार को धाक जमाई और तीन स्वर्ण व चार रजत सहित कुल सात पदक जीत लिए। इस प्रकार तीन स्वर्ण, पांच रजत व आठ कांस्य सहित 16 पदकों के साथ पैरा शटलरों ने इन खेलों में अपने अभियान का समापन किया।

बैडमिंटन स्पर्धाओं के अंतिम दिन पेरिस पैरालम्पिक चैम्पियन नितेश कुमार व नवीन शिवकुमार ने जहां क्रमशः पुरुष एकल एसएल3 और एसएल4 में बाजी मारी वहीं तुलसीमति मुरूगेसन व मानसी जोशी की महिला युगल जोड़ी ने एसएल3/एसयू5 में पीला तमगा जीता।

नितेश ने हमवतन प्रमोद से हांगझू फाइनल का हिसाब चुकाया

पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेताओं के बीच हुए मुकाबले में 31 वर्षीय नितेश ने उम्र में सात वर्ष बड़े हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराया। इस प्रकार 2018 व 2022 के एशियाई पैरो खेलों के स्वर्ण विजेता प्रमोद को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

नितेश ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, ‘एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार मैं काफी करीब पहुंचकर हार गया था। इस बार प्रमोद को दो गेम में हराना काफी खास है और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’


वहीं टोक्यो पैरालम्पिक के स्वर्ण पदक विजेता भगत ने कहा, ‘मुझे अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि मैं लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। लेकिन आज मेरे कुछ स्ट्रोक्स गलत हो गए और निर्णय भी सही नहीं रहे।’

नितेश व तुलसीमति को मिश्रित युगल में रजत पदक

नितेश ने पेरिस पैरालम्पिक रजत पदक विजेता तुलसीमति के साथ मिलकर मिश्रित युगल एसएल3/एसयू5 में रजत पदक भी मिला। उन्हें फाइनल में इंडोनेशियाई लीनी रात्रि ओकतिला व हिकमत रामदानी ने 11-21, 21-19, 21-14 से हराया।

महिला युगल एसएल3/एसयू5 फाइनल मुरुगेसन-मानसी की जोड़ी चैम्पियन

उधर महिला युगल एसएल3/एसयू5 फाइनल में मुरुगेसन व मानसी जोशी ने चीन की यांग कियूशिया व शियाओ जूशियान को 30 मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण पदक पर अधिकार किया।

महिला एकल में मुरुगेसन व नित्या सिवन को रजत

हालांकि मुरुगेसन को महिला एसयू5 वर्ग में रजत से संतोष करना पड़ा, जब वह फाइनल में चीन की यांग कियूशिया से 18-21, 11-21 से हार गईं। नित्या श्री सुमति सिवन को भी महिला एकल एसएच6 में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वह फाइनल में चीन की लि फेंगमेइ से 12- 21, 13-21 से परास्त हुईं।

एकल एसएल4 फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 36 मिनट तक चले मुकाबले में 21-9, 21-17 से हराकर श्रेष्ठता सिद्ध की। उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मैं पिछले तीन-चार महीने से इस पल का इंतजार कर रहा था।’

नवीन ने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2022 में स्वर्ण और बहरीन में बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप 2026 में रजत पदक जीता था। उन्होंने जून, 2026 में फ्रेंच पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने कहा, ‘मैं पहली बार एशियाई पैरा खेलों में उतरा था, लेकिन इन सभी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले खेल चुका हूं। मैंने तैयारी में कोई दबाव नहीं लिया। अब मैं विश्व चैम्पियनशिप और पैरालम्पिक में भी पदक जीतना चाहता हूं।’

पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है, जिनके निचले अंगों (पैरों) में काफी विकलांगता है और वे आधे कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि एसएल4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकलांगता तो है, लेकिन उनका चलने और दौड़ने का संतुलन बेहतर है। एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों (हाथों) में विकलांगता है, जबकि एसएच6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।

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