लखनऊ, 20 अक्टूबर। यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस के एक संयुक्त अभियान में लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित लिवइन पार्टनर व मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों को नागपुर से पकड़ा गया। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। आरोपितों को आवश्यक विधिक काररवाई पूरी कर लखनऊ लाया जा रहा है।
आवश्यक विधिक काररवाई पूरी कर आरोपितों को लखनऊ लाया जा रहा
पुलिस के अनुसार शिवा शर्मा हत्याकांड में गत नौ अक्टूबर को उनकी मां रंजना शर्मा की तहरीर पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अभियोग पंजीकृत किया गया था। इसके बाद से ही श्रद्धा, रश्मि और दानिश फरार चल रहे थे। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं।

जांच के दौरान आरोपितों के लगातार ठिकाने बदलने की बात सामने आई थी। श्रद्धा की लोकेशन नेपाल में मिलने का भी दावा किया गया। तब से पुलिस श्रद्धा की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि श्रद्धा आगरा पहुंचने के बाद विमान से नागपुर चली गई थी। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक उसके आगरा से नागपुर जाने के पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि थाना हजरतगंज पर 09.10.2026 को वादिनी रंजना शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया था। उक्त प्रकरण में फरार चल रहे अभियुक्तों श्रद्धा दुबे, चालक दानिश एवं रश्मि दुबे पर 50-50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस एवं यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा नागपुर पुलिस के सहयोग से उपरोक्त तीनों ईनामी अभियुक्तों को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश के अनुसार श्रद्धा को पुलिस की काररवाई के तरीके की जानकारी थी। इसी वजह से वह लंबे समय तक पुलिस से बचती रही। अब तीनों आरोपितों को नागपुर से लखनऊ लाने की तैयारी की जा रही है। वहां जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें लखनऊ लाया जाएगा और कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है शिवा शर्मा की नौ अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा की मां रंजना शर्मा ने बेटे की मौत को हत्या बताते हुए श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर आरोप लगाए थे। उनकी शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश फरार हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। शुरुआत में उनके नेपाल में होने की जानकारी सामने आई. इस बीच श्रद्धा का एक वीडियो और मीडिया एजेंसी को दिया गया, उसका बयान भी सामने आया, जिसमें उसने अपने ऊपर लगे हत्या के आरोपों को खारिज किया था और शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था।
पुलिस की काररवाई पर उठे थे सवाल
तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। मामला लगातार सुर्खियों में रहा। इसके बाद पुलिस ने तीनों पर घोषित ईनाम 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया। जांच से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ भी काररवाई हुई और हजरतगंज थानाध्यक्ष, एसीपी व डीसीपी सस्पेंड कर दिए गए।
अब नागपुर से तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को राहत मिली है, लेकिन हकीकत सवालों के जवाब, पूछताछ और जांच के बाद ही सामने आएगी। शिवा की मौत कैसे हुई, घटना से पहले क्या हुआ था और फरार रहने के दौरान आरोपितों को किसने मदद की? इन सभी पहलुओं की जांच होगी।


