‘बॉय-बॉय आइची-नागोया…दोहा में फिर मिलेंगे’ के वादे के साथ 20वें एशियाई खेलों का रंगारंग समापन

नागोया, चार अक्टूबर। एशियाई महाद्वीप के खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों और मेजबान जापान की सांस्कृतिक विरासत व मेहमाननवाजी की शानदार झलक के साथ संगीत व रोशनी से सजे रंगारंग समारोह के साथ रविवार की शाम 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) का भव्य समापन हो गया।

दो सप्ताह से अधिक समय तक 45 देशों के 11 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों के बीच विभिन्न खेल स्पर्धाओं में हुई रोमांचक के कश्मकश बाद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में लगभग 90 मिनट तक चले समारोह के दौरान उत्सवी माहौल दिखा। अंततः प्रतिभागी देशों के खिलाड़ियों ने ‘बॉय-बॉय आइची-नागोया…दोहा में फिर मिलेंगे’ के वादे के साथ एक-दूसरे से विदाई ली।

ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा ने भारतीय दल का किया नेतृत्व

ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा (दो स्वर्ण और एक रजत पदक विजेता) के नेतृत्व में भारतीयों ने भी उत्सवी माहौल में हिस्सा लिया। सफेद और नीले रंग की पोशाक पहने लगभग 30 भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों ने एथलीट परेड में हिस्सा लिया और तिरंगा लहराया।

OCA अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने की खेलों के समापन की आधिकारिक घोषणा

एशिया ओलम्पिक परिषद (OCA) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने खेलों के समापन की घोषणा की। बाद में ओसीए ध्वज 2030 एशियाई खेलों के मेजबान कतर की आयोजन समिति के एक प्रतिनिधि को सौंपा गया। ओसीए ध्वज को दोहा को सौंपने से संबंधित खंड में कतर के ओलम्पिक और विश्व चैम्पियन मुताज बाशिम शामिल थे। ओसीए प्रमुख ने परंपरा के अनुसार एशिया के युवाओं से इस भावना को आगे बढ़ाने और चार वर्षों बाद 2030 में दोहा में होने वाले 21वें एशियाई खेलों में फिर मिलने का आह्वान किया।

आइची-नागोया एशियाई खेलों ने एशियाड के लिए मानक ऊंचा किया

ओसीए अध्यक्ष अल थानी ने कहा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों ने एशियाड के लिए मानक ऊंचा किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं आइची-नागोया एशियाई खेलों को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित करता हूं। आज रात हम आइची-नागोया 2026 का ध्वज उतारते हुए हम इन खेलों का समापन करते हैं। लेकिन हम एशियाई खेलों के लिए मानक ऊंचा करते हैं। लौ बुझ सकती है, लेकिन इसने जिन उम्मीदों को प्रज्वलित किया है, वे हमारे महाद्वीप में उज्ज्वल रूप से जलती रहेंगी।’

अल थानी ने कहा, ‘हमने शानदार वापसी, अंतिम सेकेंड में मिली जीत और नाटकीय रूप से मामूली अंतर से मिली हार देखी है। हमने नए किशोर सुपरस्टारों और अनुभवी चैम्पियनों के उभरने का जश्न मनाया है, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली विरासत में और उपलब्धियां जोड़ी हैं।’

इस बार 54 विश्व रिकॉर्ड सहित 350 से ज्यादा कीर्तिमान ध्वस्त

उन्होंने कहा, ‘हमने खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों और चोटों से जूझते हुए जीत हासिल करते देखा है और प्रतिद्वंद्वियों को अविश्वसनीय खेल भावना और सम्मान का प्रदर्शन करते देखा है। पहली प्रतियोगिता से लेकर आखिरी तक, एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से हमें मंत्रमुग्ध किया। 350 से अधिक रिकॉर्ड टूटे हैं, जिनमें 50 से अधिक विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं। यह हमारे एशियाई खेलों के लिए एक रिकॉर्ड है।’ दरअसल खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे।

‘वन एशिया’ की अवधारणा व्यक्त करने के लिए बनाया गया षट्भुजाकार मंच

‘वन एशिया’ की समापन समारोह की अवधारणा को व्यक्त करने के लिए स्टेडियम के केंद्र में एक षट्भुजाकार मंच बनाया गया था और यह शो का मुख्य आकर्षण था। भव्य समापन के दौरान इसे लालटेन से सजाया गया था, जो जापानी गर्मियों का एक विशिष्ट प्रतीक है।

गत 19 सितम्बर को उद्घाटन समारोह में विभिन्न एशियाई देशों और क्षेत्रों के विविध खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व इंद्रधनुषी रंगों वाले दिलों की कई परतों द्वारा किया गया था। समापन समारोह के लिए दिल के केंद्र में खाली स्थान को भावनाओं और एकता की भावना से खूबसूरती से भर दिया गया। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को एकजुट करना था ताकि वे एशियाई देशों के लिए कई वर्षों तक शांतिपूर्ण वातावरण में मिलकर काम करते रहने के उत्प्रेरक के रूप में काम कर सकें।

‘बोन-ओडोरी’ नृत्य रहा समारोह का मुख्य आकर्षण

इस समारोह का मुख्य आकर्षण ‘बोन-ओडोरी’ नृत्य रहा, जिसकी शुरुआत जापान में हुई थी और अब यह एशिया के कई अन्य देशों में भी लोकप्रिय है। यह नृत्य पीढ़ियों और देशों की सीमाओं से परे लोगों को जोड़ता है। इस नृत्य को ‘मत्सुकेन सांबा-2’ गीत के जरिए पेश किया गया, जिसमें नागोया की खास संस्कृति और आकर्षण की झलक देखने को मिली। यह गीत जापान के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

लेजर लाइट शो में कलाकारों ने ‘चेरी ब्लॉसम’ से सजी पोशाकें पहनकर दी प्रस्तुति

गणमान्य व्यक्तियों के आगमन के बाद एक चमकदार लेजर लाइट शो हुआ, जिसमें नागोया के कलाकारों ने ‘चेरी ब्लॉसम’ से सजी पोशाकें पहनकर प्रस्तुति दी। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड हुई। भारत की नीरू ढांडा सहित केवल ध्वजवाहकों ने मार्च किया। 45 देशों के दल फिर रोशनी और संगीत की संगत में मैदान में प्रवेश कर गए। इसके बाद खेलों के दौरान हुए कुछ यादगार प्रदर्शनों और मुकाबलों के दृश्य दिखाए गए।

ओसीए अध्यक्ष ने खेलों की मशाल व ध्वज कतर के प्रधानमंत्री को सौंपा

ओसीए अध्यक्ष ने पहले एशियाई खेलों की मशाल, ओसीए का झंडा और मौजूदा ओसीए का झंडा कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी को सौंप दिया। कतर के सबसे सफल खिलाड़ी बाशिम ने केंद्र मंच संभाला। उन्होंने ओसीए ध्वज लिया और विशाल स्क्रीन पर उन्हें ऊंची कूद स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए दिखाया गया। उन्हें घोड़े की सवारी करते और कड़ाही जलाते हुए भी दिखाया गया। कतर के घुड़सवार खिलाड़ी जासिम अल कुवारी फिर घोड़े पर सवार होकर स्टेडियम में दाखिल हुए और बाशिम से ओसीए ध्वज ले लिया। बाहर जाने से पहले उन्होंने घोड़े पर सवार होकर मंच के दो चक्कर लगाए।

‘हैंडओवर’ समारोह में ओसीए का ध्वज बना दोहा 2030 का पहला मेहमान

रचनात्मक थीम ‘अल मकान मकानुकुम’ (यह जगह आपकी है) में मेहमान के आने से पहले उसके लिए जगह तैयार करने की परंपरा को दर्शाया गया। ‘हैंडओवर’ समारोह में ओसीए का झंडा दोहा 2030 का पहला मेहमान बना, जो एशियाई खेलों के आयोजन से चार साल पहले ही वहां पहुंच गया।

भारत का 85 पदकों के साथ एशियाड में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन की बात करें तो वह 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा, जो उसका एशियाई खेलों में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हांगझू 2023 खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है, जब भारतीय खिलाड़ियों ने 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) जीते थे।

पावरहाउस चीन लगातार 12वीं बार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा

पावरहाउस चीन लगातार 12वें चरण में तालिका में शीर्ष पर रहा। उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत व 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते, जो विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मेजबान जापान 269 पदकों (83 स्वर्ण, 95 रजत व 91 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसके बाद दक्षिण कोरिया के 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य सहित कुल 150 पदक थे।

यह भी पढ़ें : एशियाई खेल : अंतिम दौर में भारत की जबर्दस्त वापसी, पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहकर अभियान का समापन

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