‘मन की बात’ में पीएम मोदी की अपील : जनगणना के लिए नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कराएं

नई दिल्ली, 27 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में कहा कि जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है। इसके लिए अपना समय जरूर निकालें। उन्होंने नागरिकों से जनगणना के लिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कराने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकते हैं।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘ये सुविधा हिन्दी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है। इसके लिए आपको जनगणना के Online Portal पर जाना होता है। ये Portal है se.census.gov.in इस Portal पर जाकर आप अपने Mobile Number से Login कीजिए, अपना स्थान दर्ज कीजिए, अपने परिवार से जुड़ी जानकारी भरिए, और उसे Submit कर दीजिए।’

इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इसके लिए आपको कोई Document भी Upload नहीं करना है। जानकारी Submit करने के बाद आपको एक विशेष ID मिलेगी। जब गणनाकर्मी आपके घर आएं, तो आप उन्हें ये ID बता सकते हैं। आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि होने के बाद वो जनगणना का हिस्सा बन जाएगी।

अब तक मोबाइल से 2.60 करोड़ से ज्यादा लोग स्वगणना कर चुके हैं

पीएम मोदी ने बताया कि अब तक मोबाइल से दो करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं, स्व-गणना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ा सा समय खर्च होगा, लेकिन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आपकी सही जानकारी, आपके परिवार की सही जानकारी, देश के भविष्य की सही तस्वीर तैयार करने में मदद करती है।

32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है

अपने संबोधन दौरान पीएम मोदी ने कहा इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तैयार हो रही है। इस तस्वीर में आप भी हैं, आपका परिवार भी है, आपके अड़ोस-पड़ोस के लोग भी हैं। उन्होंने आगे कहा, देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। इन दिनों लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले इलाकों में भी ये काम चल रहा है। वहां से कई प्रेरक अनुभव हमारे सामने आए हैं।”

पीएम मोदी ने बताया कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव से हुई। माणा को देश का पहला गांव कहा जाता है। माणा में सबसे पहले 83 वर्ष की पूर्णिमा रावत जी से इसकी शुरुआत हुई। उत्तरकाशी के बगोरी गांव में Homestay चलाने वाले हरदेव सिंह राणा जी ने Digital माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज की।

स्वच्छता अभियानों की सराहना की, बोले- स्वच्छता ही बापू को दी जाने वाली सबसे सुंदर श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान देशभर में चल रहे स्वच्छता अभियानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं और समुदायों द्वारा किए जा रहे ये प्रयास महात्मा गांधी के स्वच्छता पर दिए गए जोर के अनुरूप हैं। दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती आने वाली है। इस मौके को याद करते हुए पीएम मोदी ने स्वच्छता पर बापू के संदेश को दोहराया और लोगों से अपने आसपास सफाई बनाए रखने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियों, 2 अक्टूबर बस कुछ ही दिन दूर है। यह हमारे पूज्य बापू की जयंती है। बापू ने हमें जीवन के कई मंत्र दिए। स्वच्छता उनमें से एक है। हम अक्सर अपने आसपास स्वच्छता से जुड़े कई प्रयास देखते हैं। ये प्रयास बहुत प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक हैं। सोशल मीडिया पर भी ऐसी तस्वीरें, वीडियो और रील्स बार-बार हमारा ध्यान खींचती हैं। हाल के दिनों में मैंने ऐसे कई प्रयास देखे हैं।’

सामूहिक भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की पहल पूरे समुदाय को प्रेरित कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘एक व्यक्ति ने इसकी शुरुआत की और लोग जुड़ते गए। इसे ही जनभागीदारी कहते हैं। स्वच्छता ही सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है, जो हम बापू को दे सकते हैं।’

युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की सराहना

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देश के युवाओं द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए संकल्प की सराहना की और नशामुक्त युवा अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘हाल ही में देश के लाखों युवाओं ने नशे के विरुद्ध एक बहुत महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा लेने के साथ ही इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।’

100 हफ्ते तक चलाया जाएगा नशामुक्त युवा अभियान

उन्होंने बताया कि यह सब नशामुक्त युवा अभियान के तहत हो रहा है। यह अभियान 100 सप्ताह तक चलने वाला है। इसमें माय भारत के वॉलंटियर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही एनएसएस से जुड़े युवा, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस अभियान से जुड़े हैं। कई सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाएं भी इसका हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देशभर में हजारों संकल्प समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। युवा खुद अपनी भाषा और अपने अंदाज में नशा मुक्ति के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ‘मन की बात’ में युवा साथियों से आग्रह किया था कि वे अपनी क्रिएटिविटी के माध्यम से इस अभियान से जुड़ें और मुझे खुशी है कि हजारों युवा इस आह्वान पर आगे आए हैं।”

उन्होंने जानकारी दी कि माय भारत पोर्टल पर एंथम, स्लोगन राइटिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं। सोशल मीडिया पर भी युवा ‘नशामुक्त युवा’ हैशटैग के साथ अपना क्रिएटिव कंटेंट साझा कर रहे हैं। इसका मतलब है कि संदेश भी युवाओं का है, माध्यम भी युवाओं का है और इसे आगे ले जाने की ऊर्जा भी युवाओं की ही है।

9/11 हमले की 25वीं बरसी का जिक्र किया

पीएम मोदी ने अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा लोग भारत के थे। उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी अमेरिका यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में उन्होंने 9/11 हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत में सीरियल ब्लास्ट होना सामान्य बात हो गई थी। उन्होंने 13 सितम्बर, 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट का जिक्र किया, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने इसके कुछ सप्ताह बाद हुए मुंबई के 26/11 आतंकी हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पहले आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान पर काररवाई की मांग होती थी, लेकिन उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था और समय बीतने का इंतजार किया जाता था।

आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस‘ का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है और इसके नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों के सकारात्मक प्रयासों और देश की उपलब्धियों को मंच दिया जाता है। इसी क्रम में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर याद किया।

पीएम मोदी ने कहा कि 28-29 सितम्बर, 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने कहा कि एलओसी के पार जाकर भारतीय जवानों ने आतंकवाद के खिलाफ काररवाई की थी। सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।

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