नई दिल्ली, 24 सितम्बर। मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एवं उनके दो सहयोगी चुनाव आयुक्तों – सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी में उभरे मतभेद से संबंधित मीडिया रिपोर्ट पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है।
पीएम मोदी, शाह व ज्ञानेश कुमार को ‘देशद्रोही‘ करार दिया
राहुल गांधी ने पीएम मोदी, शाह व ज्ञानेश कुमार को ‘देशद्रोही’ करार दिया है क्योंकि उन्होंने भारत के वोट को ‘बर्बाद’ किया है। कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत इस्तीफे की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि इस साजिश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह सबसे ऊपर हैं, लिहाजा उन दोनों की जांच होगी।
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी। pic.twitter.com/l7K0e1fSua
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 24, 2026
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि पिछले 10 माह के अंदर दो चुनाव आयुक्तों – विवेक जोशी व सुखबीर सिंह संधू ने SIR और चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए दूसरे कदमों से जुड़े मामलों पर 14 बार आपत्तियां जताईं थीं।
ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए
राहुल गांधी ने गुरुवार को यहां इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह संविधान और देश के कानूनी ढांचे पर हमला है। उन्होंने कहा, ‘मोदी और शाह ने देश के साथ जो किया है, उसकी जांच की जाएगी। CEC ने जो किया है, वह भारतीय राष्ट्र के खिलाफ एक काम है। ज्ञानेश कुमार को मेरा सुझाव है कि उन्हें सरकारी गवाह बन जाना चाहिए क्योंकि यह राष्ट्रवाद का काम होगा।’
LIVE: Press Conference | Indira Bhawan, New Delhi https://t.co/fGqRz6JtQM
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 24, 2026
‘हम लोकतंत्र को बर्बाद होते हुए देखकर चुप नहीं बैठेंगे’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह संविधान और देश के कानूनी ढांचे पर हमला है। आपको यह सुनिश्चित करना था कि वोट सुरक्षित रहे। हमारे पास इसे निश्चित रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त जानकारी है। इसके नतीजे होंगे। हम लोकतंत्र को बर्बाद होते हुए देखकर चुप नहीं बैठेंगे। पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह, दोनों की जांच होगी कि क्या किया जा रहा है। वे इस साजिश में सबसे ऊपर हैं और उन्होंने देश के साथ जो किया है, उसके लिए उनकी जांच की जाएगी।’
राहुल गांधी ने कुछ वीडियो दिखाए और लोगों से मोदी और शाह के लहजे को सुनने के लिए कहा। वीडियो में शाह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा 30 वर्षों तक सत्ता में रहेगी और प्रधानमंत्री को ‘अबकी बार 400 पार’ का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है। राहुल ने कहा कि लोकतांत्रिक माहौल में काम करने वाला कोई भी राजनीतिक नेता ऐसे बयान नहीं दे सकता।
In India, there is a fundamental force called anti-incumbency that starts to resist any government. It doesn't spare anybody.
Indira Gandhi ji won the Bangladesh war and had immense popularity, and yet within a year or two, there was a massive anti-incumbency.
It happens to… pic.twitter.com/JnoWv8kX3I
— Congress (@INCIndia) September 24, 2026
बांग्लादेश युद्ध जीतने वाली इंदिरा गांधी भी ‘एंटी-इंकम्बेंसी‘ की शिकार हुई थीं
उन्होंने कहा कि भारत में ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ नाम की एक बुनियादी ताकत होती है, जो विरोध करना शुरू कर देती है और यह किसी को नहीं बख्शती। उन्होंने कहा – ‘भारत में एंटी-इनकम्बेंसी हर सरकार को प्रभावित करती है, लेकिन मोदी, शाह और भाजपा पर यह गायब हो जाती है।’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध जीता था और उनकी अपार लोकप्रियता थी, फिर भी एक-दो वर्ष के अंदर ही भारी एंटी-इंकम्बेंसी आ गई थी।
लेकिन मोदी, शाह और भाजपा पर यह गायब हो जाती है
राहुल गांधी के अनुसार यह हर पार्टी के साथ होता है, चाहे वह क्षेत्रीय हो या राष्ट्रीय। लेकिन किसी तरह यह नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के साथ नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और सरकार के प्रदर्शन को समझा जा सकता है, लेकिन यह समझ में नहीं आता कि एंटी-इंकम्बेंसी कैसे गायब हो जाती है।


