TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, कहा- ‘उन्हें शायद कानूनी छूट मिली है’

नई दिल्ली, 24 सितम्बर। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सासंद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को यहां संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने CEC को ‘चोर’ कहते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ECI) में किए गए कुछ फैसले बहुमत के बिना ही ले लिए गए और वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें शायद कानून छूट मिली है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम 2023 की धारा 16 का हवाला देते हुए कहा कि इसके मुताबिक छूट तब मिलती है, जब चुनाव आयुक्त सामूहिक संस्था के तौर पर काम करते हैं।

बहुमत से नहीं लिए गए फैसले, लिहाजा ज्ञानेश कुमार पर चलाया जा सकता है मुकदमा

टीएमसी सांसद ने दावा किया ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की जांच के मुताबिक, पिछले 10 माह में चुनाव आयुक्तों – सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 14 बार असहमति जताई। महुआ ने उक्त मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कुछ फैसले बहुमत से नहीं लिए गए थे। नियमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये फैसले बहुमत से नहीं लिए गए थे, इसलिए ज्ञानेश कुमार को कोई छूट नहीं मिल सकती और उनपर मुकदमा चलाया जा सकता है।

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि नए वोटरों के लिए फॉर्म 6 में माता-पिता की जानकारी से जुड़ा एक नया सवाल जोड़ा गया, जिसे दोनों चुनाव आयुक्तों ने गैर कानूनी बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) और ब्लॉक-लेवल अधिकारियों (BLO) जैसे जमीनी अधिकारियों को आवश्यक जानकारी और सॉफ्टवेयर एक्सेस तक नहीं दिया गया।

सीमा खन्ना पर भी लगाए आरोप

महुआ ने EC में डायरेक्टर जनरल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सीमा खन्ना पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने ERO और ब्लॉक-लेवल अधिकारियों को अंधेरे में रखकर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने के लिए सॉफ्टवेयर के बैक-एंड से छेड़छाड़ की थी।

वोटिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र की नींव

मोइत्रा ने इस दौरान पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के समय तकरीबन 33 लाख वैध वोटरों के खिलाफ अपीलें की गई और जब इस पर सवाल उठाया गया तो इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी भी राजनीतिक मुद्दे का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वोटिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ काररवाई करने की मांग की।

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