BWF विश्व बैडमिंटन : त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने पक्का किया भारत का इकलौता पदक, सात्विक-चिराग की उम्मीदें टूटीं

नई दिल्ली, 21 अगस्त। देश के अन्य दिग्गजों के विपरीत त्रीसा जॉली व गायत्री गोपीचंद पुलेला की महिला युगल जोड़ी  घरेलू प्रशंसकों के सामने अपना पराक्रम जारी रखते हुए शुक्रवार को BWF विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में जा पहुंची। इसके साथ ही भारतीय शटलरों ने 2011 से प्रतियोगिता के हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीतने का सिलसिला इस बार भी कायम रखा। हालांकि दो बार के कांस्य पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकी रेड्डी व चिराग शेट्टी की पूर्व विश्व नंबर एक जोड़ी की उम्मीदें क्वार्टर फाइनल में हार के साथ टूट गईं।

त्रीसा व गायत्री की चौथी सीड चीनी जोड़ी पर स्तब्धकारी जीत

विश्व रैंकिंग में 39वें क्रम पर मौजूदा त्रीसा व गायत्री ने इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम के कोर्ट नंबर एक पर खेले गए दिन के पांचवें मैच में जबर्दस्त उलटफेर किया और चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी जिया यी फैन व झांग शू जियान के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद असाधारण वापसी करते हुए 70 मिनट में 16-21, 21-15, 21-13 से जीत हासिल कर ली।

महिला युगल में भारत के लिए पदक जीतने वाली दूसरी जोड़ी

जिया यी फैन व झांग शू जियान के खिलाफ चार मुलाकातों में पहली जीत हासिल करने वाली गायत्री व त्रीसा इसके साथ ही विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला युगल जोड़ी बन गईं। ज्वाला गुट्टा व अश्विनी पोनप्पा यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय जोड़ी थीं, जिन्होंने 15 वर्ष पहले लंदन में कांस्य पदक जीता था और वहीं से हर संस्करण में भारत के पदक जीतने का सिलसिला शुरू हुआ था।

पहला गेम गंवाने के बाद असाधारण वापसी

हालांकि भारतीय खिलाड़ियों की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वे पहले गेम में 0-6 व 2-8 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने आक्रामक गेम प्लान के साथ वापसी की। उन्होंने लगातार छह अंक जीतकर अंतर को 8-9 कर दिया, लेकिन चीनी जोड़ी आगे बनी रही और गेम जीत लिया।

दूसरे गेम की शुरुआत भी वैसी ही रही और चीनी जोड़ी ने 10-7 की बढ़त बना ली थी। लेकिन त्रीसा व गायत्री ने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया। दोनों ने नेट के पास मौके बनाए और फिर क्रॉस-कोर्ट स्मैश के साथ अंक हासिल किए। मोमेंटम बदलने के साथ, भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी तरह से आक्रामक गेम प्लान अपनाया और लगातार आठ पॉइंट जीतकर 9-4 की बढ़त बना ली और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

अंततः जिया का लिफ्ट शॉट बाहर गया और इसके साथ ही घरेलू पसंदीदा जोड़ी का कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया ट्रीसा-गायत्री शनिवार को सेमीफाइनल में टॉप सीड लियू शेंग शू-टैन निंग का सामना करेंगी।

भावुक त्रीसा व गायत्री बोलीं – ‘हम यहीं रुकना नहीं चाहते, हम एक लक्ष्य के साथ यहां आए हैं’

इस जीत से भावुक हो उठीं गायत्री वि त्रीसा ने कहा, ‘मैच बहुत मुश्किल था, इसलिए भावनाएं भी वैसी ही थीं। हम अब भी नतीजे को समझ रहे हैं और बहुत खुश हैं कि हमने मैच जीत लिया। हम यहीं रुकना नहीं चाहते, हम एक लक्ष्य के साथ यहां आए हैं और आगे देख रहे हैं। आज दर्शकों का उत्साह शानदार था और उन्होंने हमें जीत की ओर बढ़ने में मदद की।’

क्वार्टर फाइनल मैचों के परिणामों पर एक नजर

दिलचस्प यह था कि स्टैंड्स में भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया और बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थे।

तीसरी सीड चीनी टीम से सीधे गेमों में हारे सात्विक-चिराग

फिलहाल कोर्ट नंबर एक पर दिन का 10वां व अंतिम मैच खेलने उतरे पांचवें वरीय सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी को मायूसी झेलनी पड़ी। उन्होंने तीसरी सीड चीनी लियांग वेई केंग व वांग चांग ने सिर्फ 36 मिनट में 21-18, 21-9 से हरा दिया।

दरअसल, चालू सत्र में चोट के चलते सात्विक व चिराग ने विश्व चैम्पियनशप से पहले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर की कुछ स्पर्धाएं छोड़ी थीं और वे सीधे यहां उतरे। पहले दौर में बाई व दूसरे दौर में वॉकओवर के सहारे आगे बढ़ी भारतीय जोड़ी को एक दिन पूर्व जुनैदी आरिफ व याप रॉय किंग की विश्व नंबर 19 मलेशियाई टीम के खिलाफ भी कड़ा संघर्ष करना पड़ा था और वह पहला गेम टाईब्रेकर में गंवाने के बाद शानदार वापसी के सहारे एक घंटा 22 मिनट तक खिंची कश्मकश जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। फिलहाल चीनी युगल ने सात्विक-चिराग को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

सात्विक व चिराग ने मौके गंवाने पर जताई निराशा

सात्विक व चिराग शेट्टी ने हार के बाद उन मौकों को गंवाने पर निराशा जताई, जिन्हें वे आक्रामक खेल के दौरान अंक में बदल सकते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि मुकाबले में पहले चार शॉट और सर्विस की अहम जंग में वे पिछड़ गए, जिससे उनके पदक जीतने की उम्मीद खत्म हो गई।

 

चिराग ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पहले गेम में संघर्ष के बाद उन्होंने दूसरे गेम में काफी ज्यादा आक्रामक होकर वापसी की। मुझे लगता है कि हम भी ठीक-ठाक खेले। मैं यह नहीं कहूंगा कि हम खराब खेले। लेकिन जिन कई मौकों पर हमें लगा था कि हम अंक हासिल कर लेंगे, वहां हम ऐसा नहीं कर सके क्योंकि वे काफी ठोस खेल खेल रहे थे।’

वहीं सात्विक ने कहा, ‘ मुझे तेज गति से शॉट खेलना पसंद है। पहले चार शॉट में हम काफी अच्छे थे। जो भी पहले चार शॉट को नियंत्रित करता है, वही बढ़त हासिल करता है। पहले गेम में हम पहले चार शॉट पर नियंत्रण बनाए हुए थे। दूसरे गेम में ऐसा नहीं था कि हमें आक्रमण करने के मौके नहीं मिले। हमें कई बार शटल ऊपर मिली, लेकिन हम उतनी अच्छी तरह से अंक खत्म नहीं कर पाए, जितना हम चाहते थे। वे डिफेंस में काफी अच्छा खेल रहे थे और फ्रंट कोर्ट पर भी उनका दबदबा था।’

 

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