तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर हमला, बोले- कर्ज बढ़ा लेकिन सरकारी खजाना खाली, आखिर पैसा कहां जा रहा?

पटना, 21 अगस्त। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि बिहार की राजकोषीय स्थिति गंभीर हो गई है और राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण बिहार गंभीर वित्तीय संकट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तेजस्वी का दावा- चार गुना से ज्यादा बढ़ा सार्वजनिक कर्ज

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार के कुल सार्वजनिक ऋण में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य का राजस्व घाटा बढ़ रहा है, जबकि कर्ज उससे भी तेज गति से बढ़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, बढ़ते कर्ज और राजकोषीय घाटे के बीच राज्य की वित्तीय स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने सरकार से वित्तीय प्रबंधन को लेकर स्पष्ट और दीर्घकालिक रणनीति बताने की मांग की।

सरकारी भुगतान और विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति खराब होने का असर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के भुगतान पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के बकाये और विकास कार्यों के लिए भी समय पर पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को मिलने वाले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि कम की गई है और छात्रवृत्ति को समाप्त किया जा रहा है।

राजकोषीय घाटे को लेकर सरकार पर सवाल

तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 5.8 प्रतिशत रहा, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक था। उन्होंने कहा कि ऊंचे राजकोषीय घाटे के साथ बढ़ता कर्ज राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। तेजस्वी ने राज्य की अपनी राजस्व प्राप्तियों और सरकारी खर्च के बीच संतुलन की कमी का भी आरोप लगाया।

बोले- व्यय और ऋण प्रबंधन की नहीं है स्पष्ट योजना

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास व्यय प्रबंधन, ऋण प्रबंधन और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए कोई स्पष्ट दीर्घकालिक योजना नहीं है। तेजस्वी के मुताबिक, सरकार को राजस्व बढ़ाने, कर संग्रह में सुधार करने और बजट प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

‘रिकॉर्ड कर्ज के बावजूद खजाना खाली, पैसा कहां जा रहा?’

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड कर्ज लेने के बावजूद राज्य का सरकारी खजाना खाली होने की स्थिति में है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर बिहार का पैसा कहां खर्च हो रहा है। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और कथित संगठित लूट का आरोप भी लगाया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की वित्तीय स्थिति केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए चिंता का विषय है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

तेजस्वी यादव के इन आरोपों के बीच सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों और दावों पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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