झारखंड में नया झमेला : JPSC-JSSC नियुक्ति रद करने के सरकारी आदेश पर झारखंड हाई कोर्ट ने लगाई रोक

रांची, 20 अगस्त। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले 24 दिनों तक चली हड़ताल खत्म होने के तीन दिन बाद ही हेमंत सोरेन सरकार के सामने नया झमेला उठ खड़ा हुआ है। दरअसल, झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा JPSC-JSSC परीक्षाओं से संबंधित नियुक्तियों को रद करने के हालिया आदेश पर गुरुवार को रोक लगा दी।

उल्लेखनीय है कि आंदोलनरत छात्रों की मांगे मानते हुए गत 17 अगस्त की रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के जरिए आयोजित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा सहित सभी परीक्षाओं और उनके नतीजों को रद करने की घोषणा कर दी थी।

नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल लाखों अभ्यर्थियों को राहत

फिलहाल हाई कोर्ट के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल थे और अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे। उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया को रद करने के सरकारी निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। प्रार्थियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सरकार का यह निर्णय मनमाना है और इससे योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसी आंदोलन के दबाव में निर्णय सही नहीं है।

अब राज्य सरकार को अपना पक्ष फिर से स्पष्ट करना होगा

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के नियुक्ति रद करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि अब सरकार को मामले में अपना पक्ष फिर से स्पष्ट करना होगा। इस फैसले के बाद राज्य के प्रशासनिक गलियारों और छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है।

हाई कोर्ट की टिप्पणी – सरकार ने नैसर्गिक न्याय का पालन नहीं किया

अदालत ने कहा कि सरकार ने नैसर्गिक न्याय का पालन नहीं किया है। इसलिए उसके आदेश पर रोक लगाई जा रही है। अगली सुनवाई 15 सितम्बर को होगी। तब तक राज्य सरकार से कोर्ट ने जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अब तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं आया है कि आखिर कौन और किस-किस ने गलती की है। ऐसे में सभी को नौकरी से हटाना उचित नहीं है। अदालत ने 11 से 13वीं जेपीएससी और फूड सेफ्टी ऑफिसर को तत्काल ज्वाइन करने का भी आदेश दिया है। झारखंड हाई कोर्ट में इन्हीं दो मामलों को लेकर अभी चुनौती दी गई थी।

यह आदेश उन अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय से चयन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। अब जब तक कोर्ट का कोई अगला निर्देश नहीं आता, सरकार नियुक्ति रद करने के अपने फैसले पर आगे नहीं बढ़ सकेगी।

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