नई दिल्ली, 19 अगस्त। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल और जितिन प्रसाद समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रसेवा में उनके योगदान को याद किया।
ओम बिरला ने पूर्व राष्ट्रपति को किया नमन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि एक प्रखर शिक्षाविद, विधिवेत्ता और कुशल राजनेता के तौर पर उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति शंकर दयाल शर्मा की समर्पित सेवाएं हमेशा याद की जाती रहेंगी।
नितिन गडकरी ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी पूर्व राष्ट्रपति को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शंकर दयाल शर्मा को नमन करते हुए उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को याद किया।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया सादगी और सेवा का पर्याय
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शंकर दयाल शर्मा को सादगी, सेवा और विनम्रता का पर्याय बताया। उन्होंने उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और मध्य प्रदेश की माटी का गौरव बताते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श जीवन लोगों को जनसेवा और राष्ट्र उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
मनोहर लाल ने भी अर्पित किया नमन
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने पूर्व राष्ट्रपति की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने शंकर दयाल शर्मा को सादगी और विनम्रता का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्श जीवन और राष्ट्रसेवा को प्रेरणादायी बताया।
पंकज चौधरी के पोस्ट में ‘पुण्यतिथि’ का उल्लेख
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी शंकर दयाल शर्मा को याद किया। हालांकि, उनके सोशल मीडिया पोस्ट में “पुण्यतिथि” का उल्लेख किया गया, जबकि शंकर दयाल शर्मा की जयंती 19 अगस्त को और पुण्यतिथि 26 दिसंबर को होती है। इसलिए मौजूदा संदर्भ में उनके पोस्ट में पुण्यतिथि का उल्लेख असंगत है।
जितिन प्रसाद ने बताया महान शिक्षाविद और विधिवेत्ता
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शंकर दयाल शर्मा को महान शिक्षाविद, प्रखर विधिवेत्ता और राष्ट्रसेवी बताते हुए उनकी जयंती पर शत-शत नमन किया। शंकर दयाल शर्मा का सार्वजनिक जीवन शिक्षा, कानून, राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। जयंती के अवसर पर नेताओं ने उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


