Surya Grahan 2026: गर्भवती महिलाओं पर सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा? जानें प्रेग्नेंट महिलाएं ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं
लखनऊ, 16 अक्टूबर। साल 2026 में 17 फरवरी के दिन सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह इस दौरान दी जाती है। हालांकि, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए ग्रहण का सूतक भी भारत में मान्य नहीं होगा। बावजूद इसके भी लोग ग्रहण के दिन सावधानियां बरतते हैं क्योंकि कहीं न कहीं सूर्य की ऊर्जा ग्रहण के दिन नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को भी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही शिशु पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि ग्रहण के दिन गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
- गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दिन क्या न करें?
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और घर के पर्दे, खिड़की-दरवाजों को भी बंद रखना चाहिए।
भारतीय समय अनुसार सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से रात्रि 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
ग्रहण के दौरान भोजन पकाने और खाने से भी महिलाएं बचें हालांकि तरल पदार्थों और फलों का सेवन आप कर सकती हैं।
सूर्य ग्रहण के दिन दोपहर के समय सोने से बचेंगी तो आपके लिए सही रहेगा। दिन के समय सोने से नकारात्मक विचार मन में आ सकते हैं।
इस दिन पर गर्भवती महिलाओं को नुकीली चीजों को जैसे-सुई, कैंची, चाकू को नहीं छूना चाहिए। माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
- गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दिन क्या करें?
सकारात्मक मानसिक स्थिति बनाए रखने के लिए ग्रहण वाले दिन गर्भवती महिलाओं को ध्यान और मंत्र जप करना चाहिए।
धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना भी आपके लिए अच्छा रहेगा।
सूर्य ग्रहण के दिन अगर आप गुड़, गेहूं आदि का दान करती हैं तो आपको भी और होने वाले शिशु को भी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
इस दिन सूर्य ग्रह के मंत्रों का जप करने से भी नकारात्मकता दूर होती है।
