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देशव्यापी हड़ताल पर राहुल गांधी बोले- मजदूरों और किसानों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं

देशव्यापी हड़ताल पर राहुल गांधी बोले- मजदूरों और किसानों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं

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नई दिल्ली, 12 फरवरी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वह मजदूरों और किसानों के मुद्दों व संघर्षों के साथ मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक की आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि चार श्रम कानून उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगे। किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा, और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आखिरी सहारा भी छिन सकता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके भविष्य (श्रम कानूनों) से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी (मजदूरों और किसानों) आवाज को नजरअंदाज किया गया। राहुल गांधी ने लिखा, “क्या सरकार अब सुनेगी या उन पर किसी ‘ग्रिप’ की पकड़ बहुत मजबूत है?” कांग्रेस सांसद ने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, “मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसान यूनियनों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को भारतीय कृषि, डेयरी और ग्रामीण रोजी-रोटी के लिए सीधा खतरा बताया है। किसान यूनियनों ने तर्क दिया है कि यह रूपरेखा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बार-बार दिए गए इस भरोसे के उलट है कि खेती और डेयरी को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने हाल के दूसरे एफटीए के नियमों पर भी चिंता जताई, जिनमें न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन (ईयू) और यूके के साथ साइन किए गए एफटीए शामिल हैं। यूनियनों ने मांग की है कि सरकार ट्रेड बातचीत में खेती और डेयरी पर अपना स्टैंड साफ करे और घरेलू किसानों व ग्रामीण मजदूरों को संभावित बुरे असर से बचाए।

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