दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में पहुंची, कई इलाकों में बना हुआ है स्मॉग
नई दिल्ली, 7 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता रविवार सुबह थोड़ी बेहतर जरूर हुई, लेकिन शहर के कई इलाकों में प्रदूषण अब भी चिंता का कारण बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 196 दर्ज किया गया। यह ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। शनिवार की तुलना में यह सुधार है, जब दोपहर 4 बजे एक्यूआई 227 था और उसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया था।
हालांकि प्रदूषण में थोड़ी कमी आई है, फिर भी कई इलाकों में हल्की धुंध छाई रही, जिससे साफ है कि हवा की हालत अभी पूरी तरह अच्छी नहीं हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी ज्यादा बना हुआ है। मुंडका में सबसे खराब स्थिति रही, जहां एक्यूआई 266 दर्ज किया गया। इसके बाद पूसा (257), नरेला (247), रोहिणी (247), अशोक विहार (243), जहांगीरपुरी (242) और वजीरपुर (239) में भी हवा ‘खराब’ श्रेणी में रही।
नेहरू नगर (237), शादिपुर (236), बवाना (231), विवेक विहार (231), सिरीफोर्ट (222) और चांदनी चौक (220) में भी प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया। वहीं, कुछ इलाकों में हवा की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही। श्री अरबिंदो मार्ग में सबसे कम एक्यूआई 126 दर्ज किया गया। इसके अलावा आईजीआई एयरपोर्ट (131), आया नगर (136), लोदी रोड (139), मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (140), आईआईटी दिल्ली (141) और मंदिर मार्ग (145) में हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।
रविवार के आंकड़े शनिवार के आंकड़ों से लगभग मिलते-जुलते रहे। शनिवार को आनंद विहार में एक्यूआई 260 और आरके पुरम में 237 दर्ज किया गया था, जो ‘खराब’ श्रेणी में था। आईटीओ में एक्यूआई 223 और चांदनी चौक में 232 रहा। वहीं आया नगर (151), आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 (138) और पूसा (157) में हवा ‘मध्यम’ स्तर की रही।
सरकारी मानकों के अनुसार, 0 से 50 तक एक्यूआई अच्छा माना जाता है, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 तक का स्तर गंभीर माना जाता है। मौसम की बात करें तो भारतीय मौसम विभाग ने रविवार के लिए अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, शहर के कुछ हिस्सों में हल्की धुंध भी बनी रह सकती है, जिससे दृश्यता और हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
