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माघ मेला छोड़ काशी लौटे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सीएम योगी को अल्टीमेटम– 40 दिनों में मांगा हिन्दू होने का प्रमाण

माघ मेला छोड़ काशी लौटे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सीएम योगी को अल्टीमेटम– 40 दिनों में मांगा हिन्दू होने का प्रमाण

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वाराणसी, 30 जनवरी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सरकारी मशीनरी व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधा टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस क्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी को अल्टीमेटम देते हुए उनसे 40 दिनों के भीतर उनके सनातनी होने का प्रमाण मांगा है।

उल्लेखनीय है कि माघ मेला प्रशासन द्वारा मौनी अमावस्या के दिन रथ पर जाकर संगम स्नान करने से शंकराचार्य को रोके जाने से उपजे विवाद के कारण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लगभग 10 दिनों की गहमा गहमी के बाद प्रयागराज छोड़कर गुरुवार को काशी लौट आए।

अब एक जनवरी को माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करेंगे

शंकराचार्य ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए प्रयागराज में अगला स्नान न करने की भी घोषणा की और  कहा, ‘जो लोग मेरे साथ स्नान करना चाहते हैं, वे काशी आ सकते हैं। एक तारीख माघ पूर्णिमा के दिन काशी में गो माता की जयकारों से गंगा स्नान करके अपने संकल्प को पूर्ण करेंगे।’

सीएम योगी 10 मार्च तक अपने हिन्दू होने का प्रमाण दें, अन्यथा….

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री को 40 दिन का वक्त दे रहे हैं। इस दौरान अपने हिन्दू होने का प्रमाण दें। यह अवधि 10 मार्च को पूरी होगी। 11 मार्च को हम यह घोषित करेंगे कि मुख्यमंत्री हिन्दू हृदय सम्राट हैं या फिर नकली हिन्दू, जो भगवा पहनकर कालनेमि की शक्ल में लोगों को मूर्ख बना रहे हैं।’

मेरे सहयोगी गो भक्तों पर अत्याचार कर रही सरकार

उन्होंने कहा, ‘अभी तक देश में एक भेद बताया जाता था। देश की राजनीतिक पार्टियों में अंतर है। ह्वाट्सएप में यह जानकारी दी जाती थी कि 1966 में जो सरकार थी, वह गो हत्या बंद नहीं करना चाहती थी, इसलिए गो भक्तों के ऊपर उन्होंने गोली चलवाई और धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज और उनके संत योगियो को परेशान किया गया। लेकिन अब जब हमने इस गो माता की हत्या बंदी की आवाज उठाई तो हमारे सहयोग में खड़े गो भक्तों को सरकार परेशान कर रही है। सरकार तरह-तरह के अत्याचार कर रही है। उस समय की सरकार और इस वक्त की सरकार में कोई अंतर नहीं है।’

24 घंटे में शंकराचार्य का दिया प्रमाण पत्र

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हमसे प्रमाण मांगा गया, क्या आप शंकराचार्य हैं कि नहीं, 24 घंटे में बताइए। जो व्यक्ति कपड़ा लेकर नहाने गया है, वह 24 घंटे में कैसे बता सकता है, कागज के साथ है। हमें 24 घंटे के अंदर बताने को बोला गया और फिर कहा गया क्यों न आपको आजीवन मेले में प्रवेश के प्रतिबंधित किया जाए। जिन शंकराचार्य ने माघ मेला और कुंभ मेला प्राणों की बाजी लगाकर लोगों के लिए उपलब्ध करवाया, एक-एक व्यक्ति का संग्रह करके वहां जाकर लोगों को आकर्षित किया। आज जब लाख करोड़ लोग वहां उनके प्रयासों से पहुंच रहे हैं तो हमारे ही सहयोग से बनी सरकार ऐसा कदम उठा रही है, लेकिन हमने उसका बुरा नहीं माना। हमने 24 घंटे के अंदर उनको शंकराचार्य होने का प्रमाण उपलब्ध करवा दिया। लेकिन अब तक उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और ना ही उसे काटा है। 15 दिनों से ज्यादा का समय बीत चुका है। अब तक उसको उन्होंने काटा नहीं है। इसका मतलब यही है कि हमारे प्रमाण सच्चे थे और उनको स्वीकृत करना पड़ा।’

40 दिनों में गो माता को राज्य माता घोषित करें

शंकराचार्य ने कहा, ‘योगी आदित्यनाथ से मेरी मांग है कि आप 40 दिनों के अंदर गो माता को राज्य माता घोषित कीजिए। आप राज्य के मुखिया हैं। जब महाराष्ट्र गो माता को राज्य माता घोषित कर सकता है तो यूपी गो माता को राज्य माता क्यों नहीं घोषित कर सकता है? इसलिए गो माता को राज्य माता घोषित करना होगा। जिस जगह पर आपके गुरु गोरखनाथ जी महाराज नेपाल में गए, वहां पर गो माता को राष्ट्र माता कहा जाता है। आप हिन्दू कहलाना चाहते हैं, लेकिन नेपाल का इतिहास देख लीजिए। वह विदेश है, लेकिन गो माता वहां सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करती है। गो माता को मारने वाले को वहां मृत्यु दंड दिया जाता है। वहां से सीखना होगा। आपको महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे से सीखिए और गो माता को राज्य माता घोषित कीजिए।’

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