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विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने की भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ, बोले- ग्रोथ रेट में चीन और अमेरिका से भारत आगे

विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने की भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ, बोले- ग्रोथ रेट में चीन और अमेरिका से भारत आगे

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नई दिल्ली, 29 जनवरी। विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारतीय अर्थव्यवस्था की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक उम्मीदों को गलत साबित करते हुए 7.5% की मजबूत ग्रोथ रेट हासिल की है, जो अमेरिका और चीन दोनों से ज्यादा है।

अजय बंगा ने एक विशेष बातचीत में देश के स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट को इसकी बढ़ती रफ्तार के मुख्य कारण बताया। बंगा ने कहा, ‘पिछले एक-डेढ़ साल में दुनिया की अर्थव्यवस्था लोगों की सोच से बेहतर है। और मुझे लगता है कि इसका एक कारण यह है कि अमेरिका भी लोगों की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन बाकी दो देश, जिन्होंने पहले किए गए अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन किया, वे थे भारत और चीन। और इन तीनों में से भारत की ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा 7.5% थी।’

अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत

बंगा ने इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर लॉजिस्टिक्स में भारत की तरक्की की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है, लेकिन जो किया गया है, उसके असर को कम मत समझिए। लॉजिस्टिक्स के फ्लो को आसान बनाने और लागत को परसेंटेज के हिसाब से कम करने पर काम करने की जरूरत है।’

उन्होंने कहा कि कुछ लोग लॉजिस्टिक्स की लागत को GDP का 14% बताते हैं, कुछ लोगों ने हिसाब लगाया है कि 14 सही नहीं है… लेकिन हां, यह अब भी डबल डिजिट में है। इसे एक बेस के तौर पर सच में कॉम्पिटिटिव बनने के लिए हाई सिंगल डिजिट में लाने की जरूरत है।

ह्यूमन कैपिटल में इन्वेस्टमेंट की जरूरत

भारत के डेमोग्राफिक फायदे के बारे में बात करते हुए बंगा ने ह्यूमन कैपिटल में इन्वेस्टमेंट की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘आपके पास टैलेंट है। आपके पास संख्या है। क्या हम उस टैलेंट और संख्या को एक प्रोडक्टिव वर्कफोर्स में बदल सकते हैं, जो भारत की ग्रोथ को आगे बढ़ाए? आप शिक्षा और हेल्थ केयर दोनों के बिना ऐसा नहीं कर सकते। इन्हें एक साथ देना होगा।’

सुधारों के क्रम में GST को एक पर्सनल मील का पत्थर बताया

सुधारों पर बंगा ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को एक पर्सनल मील का पत्थर बताया। उन्होंने अरुण जेटली का जिक्र करते हुए कहा, ‘असल में, यह GST था। मैं बहुत खुश हूं कि यह हुआ क्योंकि मैंने इसे पर्सनली अनुभव किया है। मुझे लगता है कि आपको उस समय के अपने दिवंगत वित्त मंत्री को बहुत श्रेय देना चाहिए, जिन्होंने इसे बहुत अच्छे से लागू किया। लेकिन बाद में, पार्टी और पीएम और दूसरी पार्टियों से भी सपोर्ट मिला… आप कॉमन इंटरेस्ट के बिना इसे पास नहीं करवा सकते थे।’

जमीन और लेबर में गहरे सुधारों की जरूरत

बंगा ने जमीन और लेबर में गहरे सुधारों और बिजनेस ऑपरेशन्स को आसान बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा, ‘आप इसे जितना आसान बना सकते हैं… अगर आपको एक होटल खोलने के लिए 100 परमिट लगते हैं, तो यह बहुत मुश्किल है। अगर आपको 20 लगते हैं, जो आपकी जरूरतें पूरी करते हैं… तो आप उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेंगे।’

डिजिटाइजेशन और इन्वेस्टर-फ्रेंडली पॉलिसीज पर जोर

डिजिटाइजेशन और इन्वेस्टर-फ्रेंडली पॉलिसीज पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘सॉवरेन इन्वेस्टर डिस्प्यूट ट्रीटी पर साइन करना बहुत बढ़िया होगा… ये बाउंड्री शॉट्स नहीं हैं। लेकिन इनमें से हर एक, T20 गेम में सिंगल्स और डबल्स की तरह हैं, जो आपको आखिर में बाउंड्री शॉट्स खेलने का मौका देते हैं।’

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