महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे अजित ‘दादा’, साहसिक फैसलों से भरा रहा राजनीतिक सफर
मुंबई, 28 जनवरी। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर और प्रभावशाली नेता अजित अनंतराव पवार के निधन से देश शोकाकुल है। अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे। वह अपनी प्रशासनिक दक्षता, बेबाक बोलने की शैली और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार देने में अपनी हालिया भूमिका के लिए जाने जाते थे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार के गुट को 2024 में चुनाव आयोग ने ‘असली’ NCP मान्यता दी थी और पार्टी का नाम और ‘घड़ी’ चिह्न सौंपा। वह वित्त, योजना जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे थे और राज्य के वित्तीय प्रबंधन में उन्होंने खासी कुशलता दिखाई।
राजनीतिक सफर : 1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए
66 वर्षीय अजित पवार बारामती विधानसभा से 1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए और हर चुनाव में बड़े अंतर से जीते। उनका आधार सहकारी क्षेत्र में मजबूत था। वह 16 वर्षों तक पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे, चीनी मिलों और दूध संघों पर गहरा प्रभाव। विभिन्न मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में जल संसाधन, बिजली, ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभाग संभाले।
अजित ‘दादा’ का राजनीतिक सफर साहसिक फैसलों से भरा रहा। नवम्बर, 2019 में फडणवीस के साथ मात्र 80 घंटे की सरकार बनाई, फिर चाचा शरद पवार के पास लौटे। जुलाई 2023 में NCP में विभाजन कर शिंदे सरकार में शामिल हुए, जिसने शरद पवार के 25 वर्षों के नेतृत्व को चुनौती दी। जूनियर पवार सुबह 6.00 बजे ही अपना दिन शुरू करने और मौके पर ही फैसले लेने के लिए जाने जाते थे। उनकी पब्लिक इमेज एक ऐसे नेता की थी, जो साफ-साफ बात करते थे और अक्सर नागरिकों को गोलमोल वादे करने के बजाय तुरंत ‘हां’ या ‘नहीं’ बताते थे।
विवादों से भी घिरा रहा राजनीतिक करिअर
हालांकि अजित पवार वर्षों से राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रहे, लेकिन उनका करिअर विवादों से भी घिरा रहा। जैसे 70,000 करोड़ का सिंचाई घोटाला और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले, लेकिन उन्होंने आरोपों से इनकार किया और कई बार उन्हें क्लीन चिट मिलीं। दिग्गज नेता शरद पवार के भतीजे होने के बावजूद परिवार में फूट पड़ी, लेकिन 2026 की रिपोर्ट्स में स्थानीय चुनावों के लिए दोनों NCP गुटों में रणनीतिक गठबंधन या ‘दोस्ताना मुकाबला’ की संभावना जताई गई थी।
इस त्रासदी से महाराष्ट्र और देशभर में शोक की लहर
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती में सामाजिक-राजनीतिक कार्यों में सक्रिय हैं। लोकसभा चुनाव में बारामती से सुप्रिया सुले से हार के बाद सुनेत्रा को राज्यसभा भेजा गया था। इस त्रासदी से महाराष्ट्र और देशभर में शोक की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। वहीं जांच एजेंसियां हादसे के कारणों की गहन जांच कर रही हैं।
