1. Home
  2. हिन्दी
  3. राजनीति
  4. राहुल गांधी ने की इंदौर के दूषित जल पीड़ितों से मुलाकात, बोले- मैं इनके साथ खड़ा हूं, सरकार जिम्मेदारी ले
राहुल गांधी ने की इंदौर के दूषित जल पीड़ितों से मुलाकात, बोले- मैं इनके साथ खड़ा हूं, सरकार जिम्मेदारी ले

राहुल गांधी ने की इंदौर के दूषित जल पीड़ितों से मुलाकात, बोले- मैं इनके साथ खड़ा हूं, सरकार जिम्मेदारी ले

0
Social Share

इंदौर, 17 जनवरी। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को देश के सबसे स्वच्छ शहर में पहुंचे और इस प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने निजी क्षेत्र के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाने और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार भी थे।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान दम तोड़ने वाली गीता ध्रुवकर (64) और जीवनलाल बरेड़े (80) के घर जाकर उनके शोकसंतप्त परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद वह एक स्थान पर पीड़ित परिवारों से सामूहिक तौर पर मिले। राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजर भागीरथपुरा में पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए थे और जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…अलग-अलग शहरों में यही हो रहा है। जो सरकार की जिम्मेदारी है- साफ पानी, कम प्रदुषण, यह सब जिम्मेदारी सरकार नहीं निभा रही। यहां जिन लोगों ने यह कराया है, सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा तो कोई न कोई जवाबदेही सरकार को लेनी चाहिए और इन्हें जो मुआवजा मिलना है, यह जो सरकार की लापरवाही से हुआ है, उसके लिए इनकी पूरी मदद करनी चाहिए।”

राहुल गांधी ने कहा, “इन्होंने हमें बताया कि यह टंकी प्रतीक है कि आज भी यहां साफ पानी नहीं है, बैंडेड लगा दिया है जो कुछ दिनों तक चलेगा लेकिन जैसे ही सबका ध्यान हटेगा वापस वही हालत हो जाएगी। ये लोग कह रहें कि यहां व्यवस्थित रूप से काम किया जाए और इन्हें साफ पानी दिया जाए, यह कोई गलत बात नहीं है, इनका समर्थन करने मैं आया हूं। मैं विपक्ष का नेता हूं, यहां लोगों की मृत्यु हुई है, मैं इनका मुद्दा उठाने आया हूं। यह मेरा काम है, मेरी जिम्मेदारी बनती है हमारे देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा, मैं इनके साथ खड़ा रहने यहां आया हूं।”

भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है।

इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति की ओर से किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code