नई दिल्ली, 10 जनवरी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब वाले बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। ओवैसी ने एक दिन पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में एक बयान देते हुए कहा था कि एक दिन आएगा, जब एक हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले – यह दिन में तारे देखने जैसा
ओवैसी के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जवाब दिया है। मसूद ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो असंभव हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो संभव ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।
ओवैसी क्या बोले थे
असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में चुनावी सभा में तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता का प्रावधान नहीं है, जो अन्य धर्मों के लोगों को उच्च पदों पर आसीन होने से प्रतिबंधित करता है।
ओवैसी ने कहा, ‘पाकिस्तान के संविधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल एक ही धर्म का व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब के संविधान में कहा गया है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।’
शायना एनसी बोलीं – नेतृत्व जनता के जनादेश पर बनना चाहिए
इस बीच, शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि नेतृत्व प्रदर्शन और जनता के जनादेश पर आधारित होना चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर भविष्य में किसी महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है।
शायना ने कहा, असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी को ज्ञात है। पहले अपने सांसदों को निर्वाचित होने दीजिए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे कार्यों और भारत की जनता के जनादेश के आधार पर।’
